राष्ट्रीय लोक अदालत में एक लाख 24 हजार 842 मामले निस्तारित
गाजीपुर। जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश जे.पी. यादव द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उन्होंने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर मामलो का निस्तारण किया जाता है। जब मन में किसी प्रकार का कोई विद्वेष न रह जाये तभी सुलह समझौता संभव है। लोक अदालत से जहाँ एक ओर समय की बचत होती है, वहीं लम्बे समय से लम्बित मामलों के त्वरित निस्तारण का यह अत्यन्त महत्वपूर्ण साधन है।
इस अवसर पर नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत शक्ति सिंह अपर जिला जज द्वारा लोक अदालत के विषय में जानकारी देते हुए बताया गया कि ऐसे छोटे प्रकरण जिसमें अनावश्यक रुप से मुकदमेबाजी के कारण पक्षकारों के मध्य वैमनस्यता विद्यमान रहती है, को समाप्त कर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने में लोक अदालत द्वारा अपनी सक्रिय भूमिका निभायी जा रही है। राष्ट्रीय लोक अदालत में वृद्धा, दिव्यांग एवं विधवा पेंशन हेतु एक शिविर भी लगाया गया। इस अवसर पर मेडिकल कैम्प का भी आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डाक्टर मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर बिजली बिल, गृहकर एवं जल कर सहित अन्य सामाजिक योजनाओं से सम्बंधित पाण्डाल भी लगाये गये। वहीं जनपद न्यायाधीश द्वारा दिव्यांगजनों को व्हील चेयर/बैसाखी आदि का भी वितरण किया गया।
नीरज गोंड, सचिव पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर द्वारा बताया गया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 01 लाख 24 हजार 842 मामले निस्तारित किये गये। बैंक द्वारा कुल 07 करोड़ 20 लाख 92 हजार 801 रुपये के एन.पी.ए. मामले निस्तारित किये गये।
इस अवसर पर पी.ओ. एम.ए.सी.टी. श्री संजय हरिशुक्ला, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री शैलोज चन्द्रा सहित समस्त न्यायिक अधिकारीगण, न्यायालय के कर्मचारीगण एवं वादकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीरज गोंड द्वारा किया गया।
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