ससमारोह मनाई गई गुरु पूर्णिमा

श्रद्धालुओं ने गुरुके श्रीचरणों में नवाया शीश 


गाजीपुर। गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व सिद्धपीठ हथियाराम मठ सहित विभिन्न मठ, मन्दिरों के धर्माचार्यों के स्थानों पर श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया गया।

            इस अवसर पर हथियाराम मठ के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी भवानी नंदन यति महाराज ने ब्रह्मलीन गुरु पवाहारी महामंडलेश्वर बालकृष्ण यति जी के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर पूजन-अर्चन किया। अपने संबोधन में महंथ स्वामी भवानी नंदन यति महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा की परंपरा भारतवर्ष में सदियों से मनाई जाती रही है और यह गुरु के प्रति समर्पण का भाव दर्शाता है। 

           उन्होंने सिद्धपीठ की अधिष्ठात्री देवी वृद्धम्बिका माता की मिट्टी व भस्मी को चंदन से भी पवित्र बताया। उन्होंने बताया कि यह पवित्र स्थान 25 गुरुजनों के तप से तपस्थली के रूप में जाना जाता है, जहां 1100 वर्षों तक गुरुजनों ने तपस्या की है। उन्होंने स्वयं को इस परंपरा का प्रतिनिधि बताया और कहा कि आने वाले समय में वे भी इस मार्ग पर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने गुरु के आशीर्वाद की महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गुरु की शरण में जाकर निस्वार्थ भाव से अनुराग रखने का संदेश दिया। महंथ श्री भवानी नंदन यति महाराज ने कहा कि भारत हमेशा से विश्व गुरु रहा है और सनातन संत परंपरा को लेकर चल रहा है। उन्होंने संस्कारों को अपने भीतर रखने की आवश्यकता पर बल दिया और चेतावनी दी कि अमेरिका के चक्कर में हम अपने ‘कोहिनूर’ को खोते जा रहे हैं, जबकि भारत में ऐसे अनेक ‘कोहिनूर’ रहे हैं जो पूर्व के गुरुओं की थाती बने रहे।

      कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोरक्ष प्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश जी ने सिद्ध पीठ की ख्याति की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जो भी यहां आता है, वह रोग मुक्त और दोष मुक्त होकर जाता है। रमेश जी ने भारत को संतों का देश बताते हुए कहा कि यह देश उस परंपरा का है जो सभी के सुख-दुख की भावनाओं का नायक रहा है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि आज देश ऐसी स्थिति से गुजर रहा है जहां युवाओं को भटकाने और मानव को भड़काने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। इससे सतर्क रहने की आवश्यकता है।

       इस अवसर पर डॉक्टर रत्नाकर त्रिपाठी, देवराहा बाबा बिरनो, जितेंद्र सिंह बैभव (वाराणसी), रणजीत सिंह, काशी के गंगोत्री सेवा समिति के फाउंडर अध्यक्ष किशोरी रमन द्विवेदी, बाबू महाराज और शिवानंद सिंह उर्फ झूना सिंह सहित काफी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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