मिट्टी परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग आवश्यक
‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत वैज्ञानिकों ने सिखाये खेती के गुर
गाज़ीपुर। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के निर्देशन में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसान जागरूकता गोष्ठी जखनियां क्षेत्र के अंतर्गत खानपुर रघुबरराय गाँव में सम्पन्न हुई।
डॉ. ए.एन. सिंह के मार्गदर्शन और समन्वयक डॉ. नीरज सिंह के नेतृत्व में कार्यक्रम में क्षेत्र के कुल 59 किसानों ने भागीदारी निभाई। कृषि वैज्ञानिकों ने मिट्टी की सेहत और बेहतर फसल उत्पादन के लिए रासायनिक खादों के संतुलित उपयोग पर मार्गदर्शन किया।
डॉ. विकास सिंह ने कहा कि खेतों में यूरिया, फॉस्फेट और पोटाश का अत्यधिक या असंतुलित उपयोग मिट्टी की उर्वरा शक्ति को नष्ट कर रहा है। उन्होंने किसानों से मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करने की अपील की। डॉ. अर्चना सान्याल ने पर्यावरण और फसलों के स्वास्थ्य पर असंतुलित खादों के दुष्प्रभावों की चर्चा करते हुए जैविक खादों, कंपोस्ट और हरी खाद को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया ताकि भूमि की जलधारण क्षमता बनी रहे। वैज्ञानिक शिवम कुमार राय ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीज प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में वैज्ञानिकों ने किसानों के विभिन्न कृषि संबंधी प्रश्नों और समस्याओं का समाधान किया। उपस्थित सभी 59 किसानों ने अभियान की सराहना करते हुए भविष्य में संतुलित उर्वरक अपनाने का संकल्प लिया।
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