संसदीय स्थाई समिति पहुंची जम्मू कश्मीर
सोशल मीडिया पर एलजी मनोज सिन्हा व सांसद अफजाल अंसारी की एक साथ तस्वीर पर पूर्वांचल में चर्चा
- लोगों ने कहा: भारत को यूं ही नहीं कहते दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश
(स्पेशल स्टोरी: वरिष्ठ पत्रकार श्रीराम जायसवाल) - गाजीपुर। उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जनपद के निवासी वर्तमान में जम्मू कश्मीर से लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा व गाजीपुर से ही लोकसभा वरिष्ठ सांसद अफजाल अंसारी की तस्वीर एक साथ राजभवन श्रीनगर से निकली। उसके बाद से गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, बलिया, बनारस सहित पूर्वांचल में उक्त तस्वीर वायरल हो गई। लोगों द्वारा तरह-तरह के कयास, चर्चा व पोस्ट किए जाने लगे। हालांकि उक्त तस्वीर उद्योग संबंधी संसदीय स्थाई समिति के आधिकारिक बैठक के दौरान की ली गई है। यह दौरा उद्योग संबंधी स्थायी समिति के सदस्य के नाते कश्मीर में था। जिसमें कुल 30 सांसद श्रीनगर गए थे। उसी सूची में ग़ाज़ीपुर सांसद अफ़ज़ाल अंसारी भी थे।
गौरतलब हो कि शनिवार की सुबह पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों में सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा और वरिष्ठ सांसद अफजाल अंसारी की एक साथ तस्वीर आई, जिसमें मनोज सिन्हा द्वारा अफजाल अंसारी को उपहार भेंट किया जा रहा है। उसके साथ ही दूसरी तस्वीर में रात्रिभोज के टेबल पर सभी लोग एक साथ बैठे हुए हैं। जिसको लेकर लोग तरह-तरह के चर्चा करने लगे और कयासबाजी होने लगी। कहीं हल्की तो कहीं तीखी टिप्पणियां भी निकलने लगी। जिसका कारण यह रहा मनोज सिन्हा व अफजाल अंसारी एक दूसरे के धुर विरोधी बताए जाते रहे हैं। अदावत इस स्तर पर रही है कि अफजाल अंसारी के परिवार पर मनोज सिन्हा के दर्जन भर लोगों की हत्या के आरोप लगे, मुकदमे भी चले। इतना ही नहीं मनोज सिन्हा के सगे भतीजे की हत्या में भी अफजाल अंसारी का पूरा परिवार आरोपित है। वही अफजल के छोटे भाई उत्तर प्रदेश के बाहुबली कहे जाने वाले मुख्तार अंसारी, मनोज सिन्हा के अति प्रिय तत्कालीन विधायक कृष्णानंद राय की हत्या का मास्टरमाइंड कहा गया। इस प्रकरण में अफजाल अंसारी भी लगभग डेढ़ वर्ष जेल में रहे। दोनों लोगों के अलग-अलग समर्थक एक दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाकर चलते हैं। कृष्णानंद की हत्या हुए लगभग 21 वर्ष बीत चुके लेकिन आज भी दोनों लोगों की अदावत जस की तस नजर आती है और हमेशा दिन पर दिन वह खाई बढ़ती ही नजर आती है। लेकिन अचानक दोनों लोगों की एक साथ तस्वीर वायरल होना किसी आश्चर्य से कम नहीं था। होना भी नहीं चाहिए, एक तरफ जहां दर्जन भर से अधिक लोग मनोज सिन्हा के मारे गए वहीं अफजाल अंसारी लगातार अपने भाई की जेल में हुई मौत को साजिशन हत्या करार देते हैं। इसके बावजूद इन दोनों लोगों की एक साथ तस्वीर और रात्रि भोज देखकर पूर्वांचल में आश्चर्य होना बहुत बड़ी बात नहीं।
लेकिन उक्त तस्वीर को दूसरे नजरिए से देखें तो वह भारत के लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती वाली तस्वीर रही है। मनोज सिन्हा वर्तमान में केवल गाजीपुर के निवासी या राजनेता नहीं बल्कि संवैधानिक पद पर बैठे हुए जम्मू कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर के पद पर हैं और अफजाल अंसारी भी केवल गाजीपुर के सांसद नहीं बल्कि उद्योग संबंधी संसदीय स्थाई समिति के सदस्य हैं। यह दौरा उद्योग संबंधी स्थायी समिति के सदस्य के नाते कश्मीर में था। जिसमें कुल 30 सांसद श्रीनगर गए थे। उसी सूची में ग़ाज़ीपुर सांसद अफ़ज़ाल अंसारी भी थे। पूरी समिति का एक डेलिगेशन टीम जम्मू कश्मीर के दौरे पर गया है, वहां आधिकारिक रूप से उन्हें राजभवन भी आमंत्रित किया गया था। जहां पहुंचने पर बतौर मेजबान मनोज सिन्हा द्वारा सभी सदस्यों का स्वागत अभिनंदन किया गया। दोनों लोगों के वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन संवैधानिक मतभेद की इजाजत संविधान कतई नहीं दे सकता। ऐसे में उक्त तस्वीर को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है की दुनिया में भारत को सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश यूं ही नहीं कहा जाता है। उक्त तस्वीर उद्योग संबंधी संसदीय स्थाई समिति के जम्मू कश्मीर यात्रा के दौरान राज भवन में डेलिगेशन मीटिंग के दौरान की बताई गई है।
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