डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर तेरह लाख रुपए उड़ाए
साइबर क्राइम पुलिस टीम ने वापस कराई पीड़ित की सम्पूर्ण धनराशि
गाजीपुर। डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर साइबर अपराधियों ने गत पांच दिसम्बर को जिले के एक व्यक्ति से तेरह लाख रुपए ऐंठ लिये।
साइबर अपराधियों की चाल में फंसने के बाद भुक्तभोगी सुनील कुमार राय पुत्र स्व राजनारायण राय निवासी चाड़ीपुर थाना करण्डा जिला गाजीपुर ने सात दिसम्बर को साइबर क्राइम थाना जनपद गाजीपुर को आवेदन दिया। उन्होंने दर्शाया कि साइबर ठग द्वारा पुलिस वर्दी में वीडियो कॉल पर बताया गया कि नरेश गोयल जो धोखाधड़ी के केस में तिहाड़ जेल में बन्द है, उसके मोबाइल डिटेल में आपका भी नाम प्रकाश में आ रहा है। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर उसने पीड़ित के एसबीआई बैंक के खाते से कुल तेरह लाख रूपया आरटीजीएस के माध्यम से अपने द्वारा बताये गए खाता पर ट्रान्सफर करा लिया था। साइबर थाना पर इस सम्बन्ध में आईटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा संख्या 40/2025 पंजीकृत किया गया।
पुलिस अधीक्षक के आदेश तथा नोडल साइबर पुलिस अधीक्षक नगर व पुलिस उपाधीक्षक साइबर अपराध के कुशल निर्देशन में साइबर थाना द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए पीड़ित का फ्रॉड हुआ रूपया फ्रीज करने हेतु सम्बंधित बैंक को मेल किया गया। इसके उपरांत सम्बंधित बैंक से समन्वय स्थापित करते हुए पीड़ित का पूरा पैसा फ्रीज कराया गया।
साइबर पुलिस की सक्रिय कार्यवाही से दिनांक 10.12.2025 को, फ्रॉड हुआ पैसा पीड़ित के खाता में सफलता पूर्वक वापस आ गया । फ्रॉड़ हुई धनराशि वापस प्राप्त होने पर पीड़ित द्वारा पुलिस अधिकारियों व साइबर थाना टीम का आभार व्यक्त कर साइबर टीम के कार्यशैली की प्रशंसा की गयी। फ्रॉड किए गए धनराशि के वापस कराने में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक रहमतुल्लाह खान मय कर्मचारीगण सम्मिलित रहे।
साइबर सेल पुलिस द्वारा लोगों को जागरुक करते हुए बताया गया कि कानून में डीजिटल अरेस्ट का कोई प्रावधान नहीं है। पुलिस कभी भी किसी को वीडियो कॉल नही करती है। यदि कभी ऐसा हो तो तत्काल अपने नजदीकी थाना से सम्पर्क करें। किसी भी प्रकार का ऑनलाइन फाइनेन्शियल धोखाधड़ी होने पर तत्काल टोल फ्री नं.- 1930 पर काल करें व डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डाट साइबर क्राइम डाट जीओवी डाट इन (www.cybercrime.gov.in) पर रिपोर्ट करें।
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