अधूरा हर श्रृंगार बिन बिन्दी के होता है, हमारे देश में अपमान क्यों हिन्दी का होता है”
हिन्दी दिवस पर विचार गोष्ठी व कवि गोष्ठी सम्पन्न
गाज़ीपुर। हिन्दी दिवस के अवसर पर नगर के डी.ए.वी.इण्टर काॅलेज में विचार-गोष्ठी एवं कवि-गोष्ठी सम्पन्न हुई। साहित्य चेतना समाज एवं भारत डायलॉग्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए भारत डॉयलॉग्स के सह-संस्थापक एवं सीईओ विवेक सत्य मित्रम् ने कहा कि “पिछले 15-20 सालों में हुई इंटरनेट और मोबाइल क्रांति से हिन्दी भाषा अप्रत्याशित रूप में मजबूत हुई है और इसका आर्थिक महत्त्व भी बढ़ा है। दुनिया की सॉफ़्टवेयर, कंप्यूटर, मोबाइल टेक्नोलॉजी और सोशल मीडिया से जुड़ी गूगल, फ़ेसबुक, लिंक्डइन, डेल, एचपी, एपल, माइक्रोसॉफ़्ट एवं सैमसंग जैसी कंपनियों ने हिन्दी की लोकप्रियता और ताक़त को समझते हुए इसमें करोड़ों का निवेश किया है ताकि हिन्दी उपभोक्ताओं के बीच अपनी पहचान बना सकें। न्यूज़ मीडिया, सिनेमा और ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म्स पर भी हिन्दी का प्रभाव बढ़ा है क्योंकि अब यह व्यापार की मज़बूत भाषा के तौर पर उभरी है। इसकी अनदेखी करना अब किसी के लिए भी संभव नहीं है।
पी.जी.काॅलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष डाॅ.श्रीकांत पाण्डेय ने कहा कि “14 दिसंबर 1949 को संविधान सभा में हिंदी को राजभाषा की स्वीकृति दी गई और 1953 से हम हिंदी दिवस के रूप में 14 नवंबर को मनाते हैं। हमें सांस्कृतिक, सामाजिक, राजनीतिक रूप में एक सूत्र में जोड़ने की इसमें क्षमता है। अभी यह भाषा प्रवाहमान है, लोक भाषा से लेकर विभिन्न भाषाओं को आत्मसात कर समृद्ध हो रही है।” इनके अतिरिक्त चंदन वागीश एवं बालेश्वर पाण्डेय ने भी हिन्दी के विकास पर अपने विचार व्यक्त किए।
काविगोष्ठी में डाॅ.अक्षय पाण्डेय और कामेश्वर द्विवेदी ने हिन्दी पर कविता पाठ कर वाहवाही बटोरी। भोजपुरी एवं हिन्दी के गीतकार हरिशंकर पाण्डेय ने अपना गीत “अधूरा हर श्रृंगार बिन बिन्दी के होता है/ हमारे देश में अपमान क्यों हिन्दी का होता है” सुनाकर प्रशंसा अर्जित की । इसी क्रम में कवि दिनेशचन्द्र शर्मा, कुमार नागेश, अमरनाथ तिवारी ‘अमर’, गोपाल गौरव, आशुतोष श्रीवास्तव, वारी, अवनीश प्रताप सिंह एवं मनोज यादव ने अपने सरस काव्यपाठ से संगोष्ठी को उत्कर्ष प्रदान किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संगठन सचिव प्रभाकर त्रिपाठी,डाॅ.पारसनाथ सिंह, डॉ.ऋचा राय, उग्रसेन सिंह, विपिन बिहारी राय, संजीव गुप्त, संजीव श्रीवास्तव, प्रवीण तिवारी, उमेश राय, राघवेन्द्र ओझा, शिवम् प्रकाश त्रिपाठी, आनन्द अग्रवाल, अफसर खान, जितेन्द्र कुमार आदि उपस्थित थे। विचार-गोष्ठी की अध्यक्षता डी.ए.वी.इण्टर कालेज गाजीपुर के प्रबन्धक आदित्य प्रकाश अग्रवाल ने एवं कवि-गोष्ठी की अध्यक्षता महाकवि कामेश्वर द्विवेदी ने की।
Views: 38









