प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज की कथित घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ता की मौत के बाद जागा प्रशासन
प्रशासन प्रदर्शनकारियों से पहले ही वार्ता कर रोक सकता था अनहोनी
बैक फुट पर आया प्रशासन, थाने के प्रभारी निरीक्षक, उपनिरीक्षकों सहित 11 पुलिसकर्मी सस्पेंड व लाईन हाजिर
गाजीपुर। भाजपा राज में नोनहरा थाने पर मंगलवार को धरने पर बैठे लोगों पर लाठीचार्ज और फिर घायल भाजपा कार्यकर्ता की गुरुवार की अलसुबह हुई मौत के बाद आखिरकार भाजपा जिला जिला नेतृत्व और जिला प्रशासन की तंद्रा भंग हुई। गुरुवार को भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय जब रुकुन्दीपुर निवासी सियाराम उपाध्याय की मौत के बाद वहां पहुंचना लोगों को राहत नहीं दे सका और मौके पर लोगों ने भाजपा जिला अध्यक्ष के सामने ही भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज किया। बाद में मीडिया से मुखातिब भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने कहा कि यह धरना प्रदर्शन भाजपा का नहीं था। घटना क्यों और कैसे हुई और इसमें कौन दोषी है, उसकी पूरी जांच कर कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी। इतना होने के बाद
इसके बाद पुलिस को कार्रवाई करने के लिए बाध्य होना पड़ा। शाम छह बजे पुलिस अधीक्षक डा ईरज राजा से सूचना मिली कि थाना नोनहरा से सम्बंधित प्रकरण में कुल 11 पुलिस कर्मियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है। इसमें प्रभारी निरीक्षक नोनहरा सहित एक उप निरीक्षक, एक मुख्य आरक्षी व तीन आरक्षियों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया व दो उपनिरीक्षकों व तीन आरक्षियों को लाइन हाजिर किया गया है ताकि जांच निष्पक्ष हो सके। वहीं स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के भी आदेश जारी किए हैं।इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक ने अपने वाचक निरीक्षक पवन कुमार उपाध्याय को नोनहरा थाने के प्रभारी निरीक्षक के पद पर तैनात किया है।
बताते चलें कि अपनी मांगों को लेकर नोनहरा थाना परिसर में नौ सितंबर को धरने पर बैठे थे। पुलिस द्वारा मंगलवार नौ सितंबर की रात अचानक लाठी चार्ज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से लोगों का आक्रोश पुलिस पर फूट पड़ा और लोगों ने पुलिस की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की कड़े शब्दों में भर्त्सना की। हालांकि समाचार पत्र वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। कहा गया कि नोनहरा थाना क्षेत्र के गठिया गांव में विद्युत विभाग द्वारा बिजली का खंभा लगाने को लेकर दो पक्ष उलझ गये। इस मामले व अन्य कई मामलों को लेकर एक पक्ष थाने तक जा पहुंचा और थाने पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि पुलिस के चलते ही बिजली विभाग के अधिकारी ने मनमानी कर रहे हैं। धरना का नेतृत्व भाजपा के राजेश राय बागी, छात्र नेता धन्नजय प्रधान और मंडल अध्यक्ष सुरेश गिरी कर रहे थे। बताया गया कि अंधेरा होने के बाद रात में पुलिस कर्मियों ने धरनरत निहत्थे लोगों पर जमकर लाठियां भांजी जिससे कई लोग चोटिल हो गये और वहां से भागकर किसी तरह जान बचाई। लाठीचार्ज से भाजपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। उन्होंने थाना प्रभारी वेंकटेश तिवारी सहित सभी दोषियों को तत्काल हटाने की मांग की। इसके बावजूद भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और प्रशासन इस मामले में चुप्पी साधे रहा और लाठी चार्ज की घटना से इंकार करता रहा था।
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