सम्मान पाकर अभिभूत हुईं डॉ रितु श्रीवास्तव
राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद लगातार मिल रहा सम्मान
गाज़ीपुर। कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन, मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि। श्रीमद्भगवद्गीता के इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए वगैर फल की इच्छा के काम करने का उपदेश दिया था। इसको अपना उद्देश्य बनाकर गाजीपुर सदर ब्लाक की कंपोजिट विद्यालय डिलिया की सहायक अध्यापिका डॉ रितु श्रीवास्तव ने अपना लक्ष्य बनाया। अपने कर्मफल की बदौलत गत 5 सितम्बर को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित हुईं। उनकी इस उपलब्धि पर काशी कुष्ठ सेवा संघ के प्रमुख रमेश बाबा की उपस्थिति में सामूहिक रुद्राभिषेक पीठ काशी सारंगनाथ महादेव मंदिर सारनाथ के प्रमुख राहुल सिन्हाग व मानद सदस्य वाराणसी विकास प्राधिकरण अंबरीश सिंह भोला द्वारा स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया। इससे पूर्व दिनांक 8 सितंबर 2025 को डायट सैदपुर में डॉ रितु श्रीवास्तव को स्मृति चिन्ह, मान पत्र व पुष्पाहार से सम्मानित किया। डा. रितु श्रीवास्तव की इस उपलब्धि पर पूरा शिक्षक समाज प्रफुल्लित है।
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