कांवरियों की सुरक्षा हेतु प्रशासन सतर्क
गंगा घाट पर नहाने हेतु लगाया गया फौव्वारा और सौ नल
गाजीपुर। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से जिला प्रशासन एलर्ट मोड पर है। गंगा के तटवर्ती इलाकों व निकटवर्ती गांवों तक बाढ़ का पानी फैलने से जहां लोगों को अपने आशियाने छोड़ अन्य ठौर ठिकाना का सहारा लेना पड़ रहा है वहीं पालतू पशुओं के लिए चारे की समस्या भी बढ़ती जा रही है।
बताते चलें कि रविवार 03 अगस्त को प्रातः नौ बजे गंगा का जलस्तर खतरा बिंदु (मध्य स्तर) 63.105 मीटर की रेखा को पार कर 63.990 मीटर रहा तो दोपहर एक बजे उफनती गंगा का जलस्तर 64.060 मीटर रहा और शाम चार बजे जलस्तर 64.120 मीटर से आगे बढ़ने को बेताब रहा।
श्रावण मास के अंतिम सोमवार को कांवरियों की भारी भीड़ के मद्देनजर गंगा के बढ़ते जलस्तर को देख ज़िला प्रशासन रविवार से ही एलर्ट मोड पर सक्रिय हो गया। श्रद्धालुओं व कांवरियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी अविनाश कुमार के निर्देश पर मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, अपर पुलिस अधीक्षक शहर ज्ञानेन्द्र प्रसाद तथा नगरपालिकाके अधिकारियों ने ददरी घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गंगा नदी के बढ़ते जल स्तर और पवित्र माह सावन का अंतिम सोमवार में उमड़ने वाली कांवड़ियों की संभावित भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं/स्नानार्थियों के आवागमन के रास्तों व स्नान घाटों पर बैरिकेटिंग व सुविधा/सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गयी। गंगा घाट पर नहाने हेतु फव्वारे एवं नल की एक सौ टोटियों की व्यवस्था की गयी है। गंगा में कोई भी कावरियॉ स्नान न कर सके एवं कोई अप्रीय घटना न हो इसके लिए विशेष व्यवस्था की गयी है। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सदर मनोज पाठक, अधि.अधि. नगर पालिका एवं अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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