बकरी पालन हेतु नब्बे फिसदी अनुदान 

गाजीपुर। प्रदेश के अनुसूचित जाति के भूमिहीन व गरीब पशुपालकों की आय में वृद्धि एवं बकरी पालन को प्रोत्साहन देकर कुपोषण से बचाव के लिए आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बकरी पालन की योजना का जिले में प्रारम्भ की गयी है।


       मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. अरविन्द कुमार शाही ने बताया कि बकरी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना से जुड़ा व्यवसाय है। इससे प्राप्त दूध व मॉस आय एवं पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है। बकरी पालन न्यूनतम जोखिम व अधिकतम लाभ का व्यवसाय है। उक्त योजना के क्रियान्वयन से बकरी माँस एवं दूध का उत्पादन बढ़ने से प्रदेश की कुल सकल आय में वृद्धि होगी एवं अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों को रोजगार उपलब्ध होगा और उनके सामाजिक एवं आर्थिक स्तर में सुधार आयेगा। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जातियों के लिए बकरी पालन की योजना (राज्य योजना) के अन्तर्गत जनपद में 10 वकरी इकाईयाँ को स्थापित कर संचालित किया जाना है। प्रति इकाई एक नर व पांच मादा बकरी उपलब्ध करायी जायेगी। प्रति इकाई लागत साठ हजार रुपए है, जिसमें राज्यांश (90 प्रतिशत) धनराशि चौवन हजार रुपए है। लाभार्थी अंश (10 प्रतिशत) धनराशि छह हजार रुपए है। योजनान्तर्गत नर बकरे का मूल्य दस हजार रुपये एवं एक मादा बकरी का मूल्य नौ हजार रुपए निर्धारित है। योजनान्तर्गत आवंटित धनराशि से नर एवं मादा का क्रय, बीमा व चिकित्सा तथा परिवहन का कार्य किया जायेगा। जनपद के निवासी अनुसूचित जाति के महिला/पुरुष बेरोजगार पशुपालक जिनके पास बकरियों को रखने का उचित स्थान उपलब्ध हो और उनकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो, वे योजना के पात्र होंगे। विधवा / निराश्रित महिला को प्राथमिकता दी जायेगी। उपलब्धता के आधार पर चयन प्रकिया में 3 प्रतिशत दिव्यांगजन को सम्मिलित किया जाएगा। आवेदक को आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड, अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र (ग्राम प्रधान द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र भी मान्य होगा), बैंक पास बुक की छायाप्रति, (लाभार्थी अंश धनराशि छह हजार रुपए खाते में होना अनिवार्य है), बकरी पालन प्रशिक्षण से सम्बन्धित प्रमाण पत्र, विधवा / निराश्रित महिला/दिव्यांगजन होने का प्रमाण पत्र की छायाप्रति लगाना आवश्यक है। इस योजनान्तर्गत आवेदन करने की अन्तिम तिथि 10 अगस्त 2025 है। विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या विकास भवन स्थित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में सम्पर्क कर सकते हैं।

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