नजरबंद करना अलोकतांत्रिक – दीपक उपाध्याय 

गाज़ीपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंगलवार 24 जून के आगमन के मद्देनजर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया।


         मुख्य मंत्री के कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की बाधा से बचने के लिए प्रशासन पहले ही एलर्ट मोड पर आ गया। 

       इसी क्रम में जनपद में विश्वविद्यालय की मांग उठाने पर, मुख्यमंत्री के आगमन से ठीक पहले  विश्वविद्यालय निर्माण मंच अध्यक्ष व पूर्व छात्रसंघ दीपक उपाध्यक्ष को नजरबंद कर दिया गया। दीपक उपाध्याय ने अपनी ‘नजरबंदी’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मुख्यमंत्री जी के आगमन से पहले मुझे घर में नज़रबंद करना दुर्भाग्यपूर्ण है। 364 से अधिक महाविद्यालय होने के बावजूद, गाजीपुर में एक भी विश्वविद्यालय नहीं, जो ‘एक जनपद एक विश्वविद्यालय’ योजना का सीधा उल्लंघन और जनहित के मुद्दों को दबाने का प्रयास है। बताते चलें कि उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर जिले में विश्वविद्यालय की मांग उठाई थी।

      उपाध्याय ने जनप्रतिनिधियों से भावुक अपील की: “आप, जो मुख्यमंत्री जी के साथ बैठक में हैं, गाजीपुर के इस सबसे बड़े जनहित के मुद्दे (विश्वविद्यालय) को उनके समक्ष प्रस्तुत करें।” उन्होंने जोर दिया, “हमारी लगातार मांग है कि सभी जनप्रतिनिधि इसे उठाएं ताकि गाजीपुर को अपना विश्वविद्यालय मिल सके और छात्रों का भविष्य संवर सके।”…

            वहीं भीमापार चौकी पुलिस ने भीमापार निवासी सपा कार्यकर्ता विनय यादव पिंटू और रामनिवास यादव को सोमवार की शाम ही हिरासत में ले लिया था। 

          उल्लेखनीय है कि इन दोनों समाजवादी कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2023 में सैदपुर के टाउन नेशनल इंटर कॉलेज में रैली को संबोधित करने जा रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को काला झंडा दिखाया था। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस ने दोनों को पहले से ही हिरासत में ले लिया। 

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