आपरेशन के बाद बिगड़ी प्रसुता की हालत, हुई मौत 

अस्पताल संचालक व सहयोगी अस्पताल से फरार 


गाजीपुर। जिले में संचालित हो रहे अवैध अस्पतालों पर शासन प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है‌। जनपद में आए दिन ऐसे अस्पताल व संचालकों द्वारा मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐसे अस्पतालों में भर्ती मरीजों की आए दिन मौत की खबरें छपती रहती है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपने कानों में तेल डालें कुम्भकर्णी निद्रा में मग्न रहते हैं। यही कारण है कि जिले में फर्जी अस्पताल फल फूल रहे हैं। वहां आए दिन बच्चों सहित प्रसूता की मौत हो जा रही है। मौत हो जाने के बाद स्वास्थ्य महकमा  के द्वारा सीज कर  कार्रवाई की जा रही है। लोगों का कहना है कि जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ऐसे अवैध अस्पताल संचालकों तथा अवैध डॉक्टरों से हर माह मोटी रकम वसूलते हैं इसीलिए इनके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता है और ये लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करते हुए धन उगाही में लगे रहते हैं।

        ताज़ा मामला शादियाबाद के एमडी हॉस्पिटल का है‌ जहां नॉर्मल डिलीवरी के नाम पर भर्ती गर्भवती महिला का आपरेशन किया गया। महिला की स्थिति बिगड़ने पर भी उसे काफी समय रोक कर रखा गया। बाद में उसे अपने परिचित वाराणसी के अस्पताल के लिए रेफर किया गया और मात्र चार किमी जाते जाते प्रसुता ने तड़प – तड़प कर दम तोड़ दिया।                                                                       शादियाबाद स्थित अनुष्का नेत्र क्लिनिक के समीप एमडी हॉस्पिटल संचालित हो रहा है। जहां गत रविवार आठ सितंबर को एक महिला कंचन भारती को नॉर्मल डिलीवरी के नाम पर भर्ती कराया गया‌। महिला के पति प्रभाकर कुमार पुत्र कामता राम निवासी गुरैनी ने बताया कि अपनी पत्नी का डिलीवरी के लिए एमडी अस्पताल शादियाबाद में ले गया। जहां नॉर्मल डिलीवरी के नाम पर भर्ती कराया उसके बाद डॉक्टर ने बताया कि ऑपरेशन करना पड़ेगा। ऑपरेशन से मेरी पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया, उसके बाद ही मेरी पत्नी की हालत बिगड़ने लगी। मैं अस्पताल संचालक डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार यादव, मनीषा यादव से कहा कि मेरी पत्नी को रेफर कर दीजिए लेकिन नहीं किए। फिर दस सितम्बर को सुबह में और ज्यादा हालत बिगड़ी तो अपने परिचित ,धीरज अस्पताल वाराणसी के लिए रेफर किया। डॉक्टर के सहयोगी गोलू यादव वाराणसी अस्पताल लेकर जा रहा था जैसे ही परेवां नहर पर पहुंचा तो रास्ते में ही मेरी पत्नी की मौत हो गई। जिसकी शिकायत थाना शादियाबाद में तहरीर के माध्यम से की गई है।                                           सूचना पाकर सीएमओ ने नोडल अधिकारी डा. शिशिर शैलेश को मौके पर भेजा, तब तक अस्पताल संचालक अस्पताल बंद कर फरार हो गया था। नोडल अधिकारी ने बताया कि अस्पताल पर नोटिस चस्पा किया गया है,कि एमडी अस्पताल में कंचन भारती पत्नि प्रभाकर की मौत हो गई है। जिसके  स्पष्टीकरण दो दिन के अंदर सीएमओ कार्यालय में आकर दे अन्यथा उनके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।

 

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