स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी की महागाथा का मंचन 21नवंबर से

वाराणसी। सर्व विद्या की राजधानी काशी में, स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी की महागाथा का मंचन आगामी 21नवंबर से 26 नवंबर तक किया जाएगा। 

         उल्लेखनीय है कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने सनातनी संस्कृति को मुगलों के आक्रमण से बचाए रखने के लिए जिस साहस,शौर्य ,और पराक्रम का परिचय दिया वह अद्वितीय है। पद्म विभूषण बाबा बलवंत मोरेश्वर पुरंदरे द्वारा लिखित “जाणताराजा” शिवाजी महाराज के पूरे जीवन पर एक विहंगम दृष्टि डालता है। देश की महान विभूतियों के बारे में नई पीढ़ी को अवगत कराने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

     डॉ सन्तोष मिश्रा के अनुसार,  जाणताराजा महानाट्य भारत के गौरवशाली अतीत का मंचन है‌। यह काशी की पवित्र भूमि पर आगामी 21नवंबर से 26 नवंबर तक सायं 5.30बजे से 8.30बजे तक किया जाएगा। 

      उक्त बातें जाणताराजा संचालन  समिति सैदपुर के सचिव डॉ. संतोष सिंह यादव ने जन संपर्क के दौरान साझा किया। जाणताराजा भारत के गौरवशाली अतीत का मंचन है। इसके माध्यम से सर्व विद्या की राजधानी काशी में  हिंदवी स्वराज के संस्थापक शिवाजी राजे की महागाथा का मंचन होगा। इस जनसंपर्क आभियान में प्रमुख रुप से सह जिला संघचालक  पारस राय एवम् स्नातकोत्तर महाविद्यालय भुड़कुड़ा गाज़ीपुर के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉ. संतोष कुमार मिश्र सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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