मामले की लीपापोती में सदर कोतवाल व चौकी प्रभारी निलम्बित

अशेषनाथ सिंह बने सदर कोतवाल

गाजीपुर। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक तेज बहादुर सिंह व चौकी प्रभारी गोराबाजार उप निरीक्षक अभिषेक सिंह को कार्य में लापरवाही व अनियमितता बरतने के कारण सोमवार को निलंबित कर दिया। पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया।

     बताते गया कि गत ग्यारह सितंबर को क्षेत्र के तुलसीसागर मुहल्ले में एक युवक को गोली मारने की घटना घटित हुई थी। इस मामले को संज्ञान में लेते हुए स्थानीय पुलिस को कार्रवाई का आदेश दिया गया था, परन्तु इलाकाई पुलिस ने इसे आपसी मारपीट दर्शाते हुए मामूली कार्रवाई करते हुए सामान्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को बचाने का कार्य किया। 

       मामले में घायल व्यक्ति का इलाज के दौरान जब पन्द्रह सितम्बर को एक्स-रे हुआ तो घाव में गोली फंसी दिखाई दी और आपरेशन कर गोली  निकाली गई। घटना की समीक्षा के बाद, स्थिति की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विवेचक चौकी प्रभारी गोराबाजार उप निरीक्षक अभिषेक सिंह तथा सदर कोतवाल निरीक्षक तेज बहादुर सिंह को कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया। पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक नगर को सौंपी है।

        वहीं दूसरी तरफ प्रभारी निरीक्षक कासिमाबाद अशेषनाथ सिंह को तत्काल प्रभाव से प्रभारी निरीक्षक कोतवाली सदर बनाया गया। पुलिस कप्तान ने उचित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्तों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है।

          बताया गया कि आलोक बलवंत पुत्र जंग बहादुर बलवंत ने 11 सितंबर को गोली लगने पर, विपक्षी पर मुकदमा दर्ज करने हेतु सदर कोतवाली में तहरीर दी। वहाँ उस पर दबाव बनाकर पुलिस ने सिर्फ मारपीट का अभियोग दर्ज किया। इससे क्षुब्ध होकर आलोक बलवंत एमएलसी विशाल सिंह चंचल के यहां पहुंच कर  आपबीती बताई। इस बावत जब एम एल सी प्रतिनिधि डा. प्रदीप पाठक ने कोतवाल सदर से जानकारी चाही तो कोतवाल ने उस मामले को  सामान्य मारपीट की घटना बताकर मामले को टाल दिया। जब 17 सितंबर को एमएलसी विशाल सिंह चंचल गाज़ीपुर आये तो घायल आलोक बलवंत ने कंधे में गोली लगे घाव को उन्हें भी दिखाया और बताया कि गोली लगने के बावजूद भी कोतवाल द्वारा सिर्फ मार पिट का मुकदमा दर्ज किया गया है।

       एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने तत्काल सदर कोतवाल तथा क्षेत्राधिकार को तत्काल कार्रवाई हेतु निर्देशित किया। इसके बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने पर और छह घंटे से जिला अस्पताल में बैठे हुए आलोक ने रात्रि करीब दस बजे एमएलसी प्रतिनिधि डॉ प्रदीप पाठक से अपना दुखड़ा रोया। इस पर  प्रदीप पाठक अपने लोगों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे जहां आलोक बलवंत को उस समय तक कोई मदद और बेड नहीं मिला था।

काफी प्रयास के बाद किसी तरह बेड दिलवाया गया। जहां सर्जरी उपरांत गोली को निकाला गया। सारी जानकारी मिलने के बाद  एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक से कोतवाल की गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया था।

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