डाउन सिंड्रोम बच्चों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने में अभिभावकों की भूमिका महत्वपूर्ण
गाजीपुर। सीआरसी गोरखपुर में वर्ल्ड डाउन सिंड्रोम डे के अवसर पर डाउन सिंड्रोम बच्चों के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता, शॉर्टिंग प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने कहा कि डाउन सिंड्रोम वाले बच्चों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने में उनके अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यद्यपि कि सीआरसी गोरखपुर डाउन सिंड्रोम बच्चों के पुनर्वास में तकनीकी भूमिका निभाने में अग्रणी है परंतु दिव्यांगजनों के अभिभावकों के सहयोग के बिना संपूर्ण पुनर्वास संभव नहीं है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ सुनील कमानी ने कहा कि हमारी जीवन शैली में परिवर्तन, आहार-विहार, विलंब से विवाह आदि कारणों ने डाउन सिंड्रोम बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी किया है। इस अवसर पर सीआरसी गोरखपुर के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर नीरज मधुकर ने डाउन सिंड्रोम के कारण, पहचान तथा हस्तक्षेप पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डाउन सिंड्रोम बच्चों को उचित शिक्षण-प्रशिक्षण द्वारा समाज की मुख्यधारा में जोड़ा जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन नैदानिक मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक राजेश कुमार ने किया। सह-समन्वयक अरविंद कुमार पांडेय, संजय प्रताप सिंह एवं रॉबिन का कार्यक्रम में विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर काफी संख्या में दिव्यांगजन उनके अभिभावकों सहित सीआरसी गोरखपुर के सभी अधिकारी और कर्मचारी गण मौजूद रहे।
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