रिश्वतखोर खंड शिक्षा अधिकारी जांच के घेरे में
सेवानिवृत्त होने वाली अध्यापिका से मांगी पचास हजार की रिश्वत
गाजीपुर। खंड शिक्षा अधिकारी करण्डा रमेश श्रीवास्तव द्वारा सेवानिवृत्त के कगार पर पहुंची महिला अध्यापिका से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का मामला अब उच्चाधिकारियों तक जा पहुंचा है।
खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा महिला अध्यापिका से रिश्वत मांगने का आडियो और वीडियो अध्यापिका के पुत्र ने बना लिया। इसके बाद महिला अध्यापिका ने सप्रमाण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिलाधिकारी गाजीपुर सहित शिक्षा बिभाग के आला अधिकारियों को आवेदन देकर सारे तथ्यों से अवगत कराया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रमाण को देखने के बाद 14 मार्च 2022 को, रमेश कुमार श्रीवास्तव खंड शिक्षा अधिकारी करंडा जनपद गाजीपुर को पत्र लिखा कि आप खंड शिक्षा अधिकारी (परिविक्षाधीन) के पद पर शिक्षा क्षेत्र करंडा में कार्यरत है। ललिता देवी सहायक अध्यापक/ प्रभारी प्र०अ०कम्पोजिट विद्यालय सोकनी, शिक्षा क्षेत्र करण्डा गाजीपुर के प्रार्थना पत्र 14 मार्च 2022 द्वारा उनके संज्ञान में लाया गया है कि उन्हें 31 मार्च 2022 को सेवानिवृत्त होना है, परंतु खंड शिक्षा अधिकारी करंडा रमेश श्रीवास्तव द्वारा प्रार्थिनी का माह फरवरी 2022 से उत्पीड़न किया जा रहा है। विद्यालय के वित्तीय अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर, रोकड़ रजिस्टर, विद्यालय प्रबंध समिति रजिस्टर्ड, लाग बुक और सभी बिल वाउचर फरवरी माह में पेंशन पत्रावली तैयार करने के नाम पर अपने पास जमा करा लिए हैं।
इसके पश्चात प्रार्थिनी से 50 हजार रूपये नकद की मांग की जाने लगी। ये पैसा प्राथमिक विद्यालय बड़सरा, करंडा गाज़ीपुर के सहायक अध्यापक राजेश सिंह के यहां जमा करने का दबाव बना रहे हैं। अध्यापिका द्वारा इनकार करने पर 4 मार्च को उसके विद्यालय पर निरीक्षण करने के बहाने राजेश सिंह के साथ आकर उसे अपशब्द बोलने लगे कि तुम पिछड़ी जाति की महिला हो तुम्हारे साथ कोई खड़ा नहीं होगा और धमकी दी गई कि तुम्हारा सारा अभिलेख मेरे कब्जे में है और यदि तुम जल्दी राजेश सिंह के यहां 50 हजर नगद नहीं जमा करोगी तो तुमको मैं जेल भेज दूंगा। तुमको जिंदगी भर पेंशन और जीपीएफ का भुगतान नहीं होने दूंगा।
यह सुनकर अध्यापिका घर पहुंच कर समस्त घटना से अपने लड़के को अवगत कराया। तत्पश्चात वह लड़का बड़सरा जाकर राजेश सिंह से बात किया और उसका ऑडियो, वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया जो सबूत के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस प्रकरण के सामने आने के बाद 3 दिन में खंड शिक्षा अधिकारी को नोटिस भेज जबाब माँगा था। भेजी गई नोटिस का समय पूरा होने पर जवाब में आरोपी खंड शिक्षा अधिकारी रमेश श्रीवास्तव ने क्या जवाब दिया कि व उसके विरुद्ध अबतक कोई कार्यवाही नहीं की गयी।
इससे क्षुब्ध अध्यापिका ने बेसिक शिक्षा परिषद सचिव के यहां गुहार लगाई है और सचिव प्रताप सिंह बघेल ने इसे गंभीरता से संज्ञान लिया है। श्री सिंह ने पूरे प्रकरण की जाँच के आदेश जारी कर दिए हैं। अब देखना यह है कि क्या पीड़ित अध्यापिका को न्याय मिल पाता है या बेसिक शिक्षा अधिकारी की नोटिस की तरह यह आदेश भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ेगा।
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