आनंद सिंह बिष्ट पंचतत्व में विलीन
ऋषिकेश,21 अप्रैल 2010। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता व गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय विठ्यनी यमकेश्वर के संस्थापक आनंद सिंह बिष्ट का पार्थिव शरीर दाह संस्कार के लिए आज लक्ष्मण झूला नीलकंठ मार्ग पर गरुड़ चट्टी पुल से करीब पांच किलोमीटर आगे फूल चट्टी गंगा तट पर लाया गया जहां शास्त्रोक्त विधि विधान के साथ दाह संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके ज्येष्ठ पुत्र मानेंद्र सिंह बिष्ट ने दी।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, रवीना मंत्री मदन कौशिक, धन सिंह रावत, परमार्थ निकेतन के प्रमोद यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, सांसद तीरथ सिंह रावत, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एडिशनल कमिश्नर सौम्या श्रीवास्तव ओएसडी सीएम उत्तर प्रदेश राज भूषण सहित कई लोगों ने स्वर्गीय आनंद सिंह रावत ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
बताते चलें कि सोमवार सुबह दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में उनका 89 वर्ष की अवस्था में बिमारी के दौरान सुबह करीब 10.40 बजे निधन हो गया था। निधन के उपरांत आनंद सिंह बिष्ट का पार्थिव शरीर एम्स दिल्ली से विशेष एंबुलेंस से उनके पैतृक गांव पंचूर(जिला पौड़ी गढ़वाल), यमकेश्वर के लिए रवाना किया गया। कोटद्वार के रास्ते पार्थिव शरीर शाम करीब सवा सात बजे उनके पैतृक आवास पर पहंचा।लॉकडाउन को देखते हुए योगी आदित्यनाथ अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। जिलाधिकारी पौड़ी धीराज सिंह गालय सहित अन्य अधिकारी भी गांव में व्यवस्था बनाने में जुटे रहे।
आनंद सिंह बिष्ट के निधन पर यमकेश्वर में शोक की लहर दौड़ गयी। विभिन्न लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देते हुए परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि आज हमने आनंद सिंह बिष्ट के रूप में एक जिम्मेदार पिता और एक महान विभूति को खो दिया हैं। योगी आदित्यनाथ के पिताजी का जाना उनके परिवार सहित परमार्थ परिवार तथा उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट के निधन पर गहरा दुख प्रकट किया। उन्होंने कहा कि राजकीय सेवा के बाद उत्तराखंड आंदोलन और समाज सेवा में अग्रणी रहे आनंद सिंह बिष्ट का निधन समाज के लिए बड़ी क्षति है। वहीं, ऋषिकेश महापौर अनीता ममगाईं ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि समाज सेवी आनंद सिंह बिष्ट का जाना समाज के लिए बड़ी क्षति है।
उल्लेखनीय है कि आनंद सिंह बिष्ट वन विभाग में फारेस्ट रेंजर के पद पर सेवारत रहे। सेवा से रिटायर होने के बाद गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय विठ्यनी यमकेश्वर के संस्थापक अध्यक्ष 1997 से वर्तमान तक रहे। स्व.आनंद सिंह बिष्ट अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार में उनकी पत्नी सावित्री देवी, सबसे बड़ी बेटी पुष्पा बडोली यमकेश्वर में तो दूसरी कौशल्य कोटद्वार में और तीसरी बेटी शशि पयाल कोठार यमकेश्वर में हैं। उनके बड़े पुत्र मानवेंद्र सिंह महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर हैं। उनसे छोटे (अजय सिंह बिष्ट)योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। उनके बाद शैलेंद्र सिंह बिष्ट सेना में सुबेदार हैं तो सबसे छोटे महेंद्र सिंह बिष्ट उसी महाविद्यालय में कार्यरत हैं।
Views: 8









