लाडली बिटिया ने बढ़ाया जिले का मान, बनी असिस्टेंट कमांडेंट

गाजीपुर,17 अप्रैल 2020। जिले की पवित्र धरा के सपूतों ने ज्ञान विज्ञान, साहित्य, देशसेवा, कृषि के साथ साथ हर क्षेत्र में अपना अमूल्य योगदान दिया है। जिले की बालाओं ने भी अपने दमखम पर कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्हीं में से एक भीमापार क्षेत्र के बभनचक गांव की लाडली बेटी डा. कीर्ति दीक्षित हैं, जो अब तक चिकित्सक के रूप में पीड़ितों की सेवा कर रही थीं। अब वह सीमा सुरक्षा बल में असिस्टेंट कमांडेंट बनकर देश की सीमा की सुरक्षा में अपना योगदान देंगी।
डा. कीर्ति दीक्षित की इस सफलता पर उनके गांव सहित पूरे क्षेत्र व जिले में खुशी का माहौल है।
उल्लेखनीय है कि डा. कीर्ति दीक्षित का पूरा परिवार सेना से जुड़ा रहा है। उनके दादा हरिहर दीक्षित जहां वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर पद से अवकाश प्राप्त किये थे,तो उनके पिता सतीश कुमार दीक्षित गत वर्ष ही कर्नल पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी मां डा. नीलम दीक्षित वर्तमान में बिहार प्रांत के गया जिले में मेडिकल आफिसर के रूप में कर्नल के पद पर तैनात हैं।
डा. कीर्ति दीक्षित ने बताया कि उनके अभिभावकों की पोस्टिंग के अनुसार उनकी शिक्षा अलग-अलग शहरों में हुई। अपनी सारी शिक्षा-दीक्षा उन्होंने जालंधर, जम्मू, अहमदनगर, बबीना और झांसी जैसे शहरों के आर्मी स्कूलों से हुई। उन्होंने बताया कि अभी बंगलुरू हेड क्वार्टर में उन्हें तैनाती मिली है। उन्होंने कहा कि अवकाश मिलते ही वह अपने गांव बभनचक पहुचेंगी।


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