प्रो. बृजेश जायसवाल ने पुनः संभाला प्राचार्य का कार्यभार
गाजीपुर। श्री महंथ रामाश्रय दास स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भुड़कुड़ा के प्राचार्य प्रो. बृजेश कुमार जायसवाल ने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के हस्तक्षेप के बाद पुनः प्राचार्य का पद भार ग्रहण कर पुरानी सारी अटकलों पर विराम लगा दिया।
उल्लेखनीय है कि भुड़कुड़ा पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. बृजेश कुमार जायसवाल को महाविद्यालय के अध्यक्ष महंथ श्री शत्रुघ्न दास ने बिना विश्वविद्यालय की अनुमति लिए मनमाने ढंग से एकतरफा निर्णय कर दिनांक 17 अगस्त 2026 को निलंबित कर दिया था। उस अवैध निलंबन को निरस्त करने के लिए प्राचार्य द्वारा तत्काल विश्वविद्यालय को प्रार्थना पत्र प्रेषित किया गया था। वहीं प्राचार्य व अध्यक्ष के आपसी मतभेदों के चलते महाविद्यालय की प्रशासनिक व शैक्षणिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगा। विषय की गम्भीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा त्रि-सदस्यीय जाँच समिति गठित कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया था।
बताते चलें कि उस दौरान महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो सत्यप्रकाश जी को बनाया गया था जिनका दुःखद निधन उसी दौरान सम्भवतः 26 अगस्त की देर रात हृदयाघात से वाराणसी के निजी अस्पताल में हो गया था। उस अचानक घटी घटना से पूरा महाविद्यालय परिवार शोकाकुल रहा।
त्रि-सदस्यीय जाँच समिति के प्रो. राघवेंद्र कुमार पाण्डेय, प्रो. सुरेश कुमार पाठक एवं प्रो. सुधाकर सिंह ने जांच रिपोर्ट प्रेषित की। रिपोर्ट के आधार व विश्वविद्यालय के सकारात्मक हस्तक्षेप के बाद महाविद्यालय के अध्यक्ष/प्रबंधक महंथ श्री शत्रुघ्न दास ने निलंबन वापस लिया। इससे शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त भ्रांतियों व अटकलों पर रोक लग गयी। इसके बाद प्रो. बृजेश कुमार जायसवाल ने पुनः प्राचार्य का कार्यभार ग्रहण किया। इसे शैक्षणिक व प्रशासनिक स्थिरता के लिए आवश्यक बताते हुए विद्वजनों व शिक्षा प्रेमियों ने जाँच समिति, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राकेश कुमार सिंह व विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि प्राचार्य प्रो. बृजेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में महाविद्यालय एक बार फिर शैक्षणिक उत्कृष्टता, प्रशासनिक सुदृढ़ता और शिक्षार्थियों के उत्तरोत्तर विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
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