परमात्मा की प्राप्ति ही मानव जीवन का लक्ष्य – महात्मा सारथानन्द

गाजीपुर। ‘श्रीमद् भागवत सद्भावना सत्संग ज्ञानयज्ञ’ के सातवें दिन शनिवार को आयोजित सद्भावना सम्मेलन में सैकड़ों संत-महात्माओं के साथ ही साथ हजारों श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम को अद्वितीय बना दिया।


       सलेमपुर बधाई स्थित चंद्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज के प्रागण में आयोजित सात दिवसीय कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रयागराज के पूज्य महात्मा सारथानंद ने अपने प्रवचन में कहा कि मानव जीवन का एकमात्र उद्देश्य परमात्मा की प्राप्ति है। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य धर्म मार्ग से भटककर अधर्म की ओर अग्रसर होता है, तब भगवान विभिन्न अवतारों के माध्यम से धरती पर अवतरित होकर भक्तों की रक्षा करते हैं और धर्म की स्थापना करते हैं। उन्होंने भजन-सुमिरण और सत्संग को जीवन को सार्थक बनाने का सर्वोत्तम मार्ग बताया।            वाराणसी से पधारी महात्मा सुजाता बाई ने संत समागम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संतों का सान्निध्य और भगवान की कथा सुनना कलयुग में दुर्लभ है, जिसका लाभ सभी को उठाना चाहिए। इस अवसर पर अयोध्या, फतेहपुर, अमेठी, लखीमपुर खीरी और गाजीपुर समेत विभिन्न स्थानों से आए संत-महात्माओं ने भी अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को आत्मकल्याण का मार्ग दिखाया। 

        कार्यक्रम में उपस्थित संगीतकारों ने अपने  प्रस्तुत भक्ति गीतों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए।

         सात दिवसीय ज्ञानयज्ञ का समापन विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हवन-पूजन, आरती के साथ किया गया।  कार्यक्रम के सफल आयोजन में चंद्रशेखर इंटर कॉलेज के प्रबंधक चंदन यादव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों का विशेष सहयोग रहा। 

      समापन अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में श्री विभुजी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उनके ओजस्वी उद्बोधन को सुनने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजनकर्ता सादात ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि डॉ. संतोष कुमार यादव ने कार्यक्रम के सफलता पूर्वक सम्पन्न होने पर सभी आगन्तुकों व सहयोगियों को उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

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