मछली पालन से जुड़े लोगों का एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकरण 

गाजीपुर। मत्स्य पालन विभाग भारत सरकार के नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म के अंतर्गत  एक दिवसीय पंजीकरण शिविर सदर ब्लाक के सकरा ग्राम सभा में आयोजित किया गया। 


       शिविर का शुभारंभ अपर सांख्यिकी मंडलीय अधिकारी सौरव साहू ने किया। उन्होंने  मछुआरों को बताया कि नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य मछली उत्पादकों, विक्रेताओं और सूचना उद्योगों को डिजिटल पहचान पंजीकरण संस्थागत ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करना है‌ मत्स्य विभाग के अधिकारी आनंद कुमार जायसवाल ने  बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि  योजना के तहत सहायता और बीमा का लाभ मछुआरों तक आसानी से पहुंचना है। इच्छुक लोग एनएफडीपी पोर्टल या मोबाइल एप या सीएससी के माध्यम से अपना पंजीकरण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अन्य ग्रामों में भी शिविर लगाकर इच्छुक लोगों का पंजीकरण किया जाएगा।

     इस अवसर पर शिविर के माध्यम से सीएससी संचालक परवेज खान ने ग्राम सभा सकरा के मछुआरों का पंजीकरण किया और बताया की इस पंजीकरण के द्वारा मछली पालकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में लोगों ने अपना पंजीकरण कराया।

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जाको राखे साइयां मार सके ना कोय ….

पवित्र स्नान के दौरान डूबते दम्पत्ति को पीएसी बाढ़ राहत दल ने बचाया 

गाजीपुर। कहा गया है कि मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है, इसे सिद्ध किया है गाजीपुर जिले में गंगा नदी के ददरी घाट पर तैनात पीएसी बाढ़ राहत दल के जवानों ने। माघ पूर्णिमा पर स्नान के दौरान गंगा में डूबते पति-पत्नी को पीएसी बाढ़ राहत दल ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से सकुशल बाहर निकाला। 

      बताते चलें कि माघी पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान के लिए शहर के ददरीघाट पर रविवार को रात से ही स्नानार्थियों की भीड़ लगी थी। सुबह भी  बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान कर रहे थे। पुण्य लाभ की कामना से नगर के बड़ी बाग निवासी अमर ओझा अपनी अर्धांगिनी सुषमा ओझा के साथ स्नान करने पहुंचे थे। स्नान के दौरान ही सुषमा ओझा का पैर फिसल गया और वह नदी के गहरे पानी में जा पहुंची। अचानक पत्नी को डूबता देख उनके पति अमर ओझा भी बचाने के लिए गंगा में कूद पड़े, लेकिन तेज बहाव के कारण दोनों असंतुलित होकर डूबने लगे। यह देख घाट पर चीख-पुकार मच गई और एक पल के लिए वहां मौजूद श्रद्धालुओं की सांसें थम सी गईं। तभी मौके पर तैनात 34वीं बटालियन पीएसी की 13 सदस्यीय बाढ़ आपदा राहत टीम के जवान लाल यादव और सोनू कुमार वर्मा ने बिना समय गंवाए गंगा में छलांग लगा दी । इसके साथ ही स्थानीय नाविक और गोताखोर भी रेस्क्यू में सहयोगी बन गंगा में कूद पड़े। प्लाटून कमांडर मुख्तार यादव के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल योगानंद मिश्रा, लांस नायक दिलीप कुमार सिंह सहित पूरी टीम ने समन्वय के साथ काम करते हुए दोनों को सुरक्षित गंगा में से बाहर निकाला। नदी से बाहर निकल कर सुषमा ओझा ने भावुक होकर कहा कि अगर समय पर मदद न मिलती तो किसी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता था। उन्होंने पीएसी जवानों और स्थानीय गोताखोरों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।

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