प्रदूषण ! दिल्ली में हालात नहीं सुधरे तो अब चलेगें सिर्फ सीएनजी वाहन
नई दिल्ली, 13 नवम्बर 2018 ।दिल्ली में यदि बढ़ते प्रदूषण की यथोचित रोकथाम नहीं हुई तो खराब वायु गुणवत्ता वाले दिनों में यहां की सड़कों पर सिर्फ सीएनजी वाहनों के इस्तेमाल का फैसला हो सकता है। यदि ऐसा हुआ तो फिर दो पहिया वाहनों के साथ साथ सभी तरह के पेट्रोल-डीजल संचालित वाहनों पर रोक लग सकती है। इस सम्बंध में उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त ईपीसीए ने सोमवार को टास्क फोर्स को इस बारे में विचार करने को कहा। ईपीसीए चेयरमैन भूरे लाल ने कहा कि हमारे पास कोई रास्ता नहीं बचा है, इसलिए इतने सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं। ईपीसीए चेयरमैन ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में सभी गाड़ियों पर स्टीकर न लगे होने के कारण डीजल व पेट्रोल वाहनों की पहचान संभव नहीं है। इसी वजह से सभी गाड़ियों को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ सकता है।
ज्ञातव्य है कि ईपीसीए ने कल केवल उन ट्रकों को शहर में प्रवेश की इजाजत दी , जो दिल्ली की सीमा पर फंसे हैं। शहर के बाहर एक हजार से ज्यादा ट्रकों के फंसे होने की स्थिति को देखते हुए यह इजाजत दी गयी है। साथ ही कहा गया है कि 12 नवंबर को रात ग्यारह बजे से 13 नवंबर को सुबह सात बजे तक उन्हें टोल या पर्यावरण हर्जाना राशि (ईसीसी) चुकाने से भी छूट होगी।
उल्लेखनीय है कि हवा की गुणवत्ता में सुधार के बाद भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। दिल्ली में आज मंगलवार सुबह हवा में अतिसूक्ष्म कणों- पीएम 2।5 का स्तर 373 दर्ज किया गया जबकि पीएम 10 का स्तर 286 दर्ज किया गया। वहीं सोमवार को दिल्ली का 12 घंटे का औसत एयर इंडेक्स 399 रहा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली के 19 इलाकों में वायु गुणवत्ता ”गंभीर” दर्ज की गई जबकि 17 स्थानों पर यह ”बेहद खराब” श्रेणी में रही। गाजियाबाद, फरीदाबाद, ग्रेटर नोएडा और नोएडा में हवा की गुणवत्ता गंभीर रही जबकि गुड़गांव में स्थिति में थोड़ा सुधार दिखा।
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