कवि सम्मेलन ! “एक शाम सिंघेल के नाम”
मऊ(उत्तर प्रदेश),10 नवम्वर 2018। लक्ष्मी पूजन सेवा समिति के तत्वावधान में रानीपुर क्षेत्र के काझा पश्चिम पोखरा स्थित रामलीला मंचन स्थल पर कल रात “एक शाम सिंघेल के नाम” अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें सुदूरांचल से पधारे कवियों ने अपने काव्यपाठ से समा बांधा जिसका श्रोताओं ने देर रात तक आनंद उठाया । साहित्य समाज और राष्ट्र के संवर्धन में तथा सिंघेल के यशवर्धन में तालियों की सौगात और वाहवाही का अंदाज अपने आप में एक मिसाल था।
कार्यक्रम का शुभारंभ रेणुकूट सोनभद्र से पधारे कवि मनमोहन मिश्रा के वाणी वंदना से हुआ। साथ ही उन्होंने टूटते समाज को अपनी कविता से जोड़ते हुए संदेश दिया कि “बर्तन की तरह तुम लड़ लेना पर जख्म किसी को मत देना।”
देवरिया से पधारे हिंदी और भोजपुरी के सशक्त हस्ताक्षर बादशाह प्रेमी ने पश्चिमी देशों की सभ्यता पर केंद्रित भोजन करने की परंपरा ‘बफर सिस्टम’ पर व्यंग कसते हुए कहा “खाना खाए खातिर कितना पापड़ बेले के परल। आगे बढ़े खातिर लोगवा के ढकेले के परल” तथा “आज के परिवेश में बुढ़वा जवान लईका सयान के हाथो मे मोबाइल आशिकी पर व्यंग्य कसते हुए कहा कि -खेत काहू अऊरी क बोवता केहू। बोझा बेमारी क ढोता केहू। अईसन मोबाइल पर रिंग टोन आईल बाजता केहूक, टोवता केहू।”
गाजीपुर से पधारे कवि और गीतकार गौरी शंकर पांडेय सरस ने जहां पशु वध निषेध का स्वागत किया वहीं छुट्टे जानवरों से परेशान किसानों की दयनीय स्थिति पर प्रकाश डालते हुए केंद्र से लेकर राज्य सरकार पर करारा व्यंग्य करते हुये कहाकि ” योगी मोदी क सरकार त कुछ खास हो गईल। कुछ में भईल फेल कुछ में पास हो गईल। झुंड बनाके घूमे मवेशी गांव गली ना खाली बा। धान फसल चरगईल भइया, लउकत नईखे बाली बा। पानी खाद लगावल सत्यानाश हो गईल “। गहमर से पधारे हास्य कवि फजीहत गहमरी ने अपने हास्य कविताओं से सबके मन को — खूब गुदगुदाया , कहा कि ” प्यार का निमंत्रण वह मूक देती है ।मै उसको फूल देता हूं वह मुंह पर थूक देती है।”
आजमगढ से पधारे कवि पंकज मिश्रा ने श्रृंगार की रचना से प्यार को जिन्दा किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता गौरीशंकर पाण्डेय सरस तथा संचालन वीर रस के युवा कवि पंकज प्रखर (मऊ)ने किया। इस मौके पर विनीत दुबे ,सीब्लू दुबे, उमेशकुमार पाण्डेय, चुनमुन सिंह ,श्याम नारायण दुबे ,डॉक्टर पवन दुबे, पप्पू सिंह ,निक्की सिंह, अनु तिवारी ,किसलय दुबे, तरुण सिंह, ओंकार सिंह, महेंद्र गुप्ता तथा लक्ष्मी पूजन सेवा समिति के समस्त पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन भूतपूर्व प्रधान एवं शिक्षक ओम प्रकाश सिंह ने आमंत्रित सभी अतिथियों कवियों, उपस्थित श्रोताओं के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हुए आभार ज्ञापित किया तथा सिंहेल की शान में हर बरस कवि सम्मेलन कराने का आश्वासन देते हुए कार्यक्रम का समापन किया ।
रिपोर्ट – गौरीशंकर पाण्डेय
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