साइबर अपराधियों पर कसा शिकंजा, छह आरोपी गिरफ्तार
गाजीपुर। साइबर सेल व साइबर क्राइम थाना गाजीपुर के द्वारा साइबर वज्र अभियान के तहत – टास्क फ्रॉड / फेक रेंटिग / म्यूल खाताधारक / संदिग्ध मोबाइल नम्बर/ संदिग्ध एटीएम निकासी के माध्यम से ठगी करने वालों के विरूद्ध साइबर सेल व साइबर थाना व जनपद के विभिन्न थानों से आठ टीमों का गठन कर छापेमारी कर जनपद के आठ अभियुक्तों के खिलाफ की गई कार्यवाही में सात अभियुक्त गिरफ्तार किए गए।
इनसे विभिन्न राज्यों में एनसीआरपी पोर्टल पर 20 शिकायतों में कुल 2.55 करोड़ धनराशि की संलिप्तता पायी गयी। उक्त टीमों के द्वारा त्वरित व योजनाबद्ध तरीके से छापामारी व कार्यवाही करते हुए साइबर ठगी करने वाले सात अभियुक्त के विरूद्ध जनपद के विभिन्न थानों में छह अभियोग पंजीकृत कर कार्यवाही की गई ।
अभियुक्त प्रियांशु प्रजापति पुत्र अरविन्द प्रजापति पता- ग्राम सिधरा थाना सैदपुर जनपद गाजीपुर द्वारा इन्स्टाग्राम पर प्रचार के माध्यम से स्टार पे व ओमनी गेट नाम की कम्पनी से लाभ करेन्ट व सेविंग खाता के माध्यम से साइबर फ्राड की धनराशि प्राप्त करने, कुलदीप वर्मा पुत्र भोला प्रसाद वर्मा निवासी देवल थाना गहमर जनपद गाजीपुर द्वारा अपने साइबर साथियो के साथ मिलकर बैंक में खाता खुलवाकर साइबर फ्रॉड से अर्जिंत धन प्राप्त कर उन पैसो के अन्य साइबर साथियों के खाता में भेजना, साइबर पोर्टल पर तीन राज्यों से कुल पांच कम्पलेन का होना पाया गया। प्रिंस गुप्ता पुत्र स्व. मदन गुप्ता निवासी गंगौली थाना कासिमाबाद जनपद गाजीपुर द्वारा जीवन नीर, एनजीए, वाईएम एप के माध्यम से टास्क गेमिंग के द्वारा साइबर फ्रॉड करना। अनुराग कुमार पुत्र सुखराम निवासी ग्राम बकराबाद थाना कोतवाली जनपद गाजीपुर, सन्नी उर्फ पवन पुत्र अज्ञात तथा बाल अपचारी निवासी महुआवारी बेटावर कला थाना जमानियाँ जनपद गाजीपुर अपने नाम से खाता खुलवाकर कमिशन प्राप्त कर साइबर अपराधियो को खाता बेचना और बाल अपचारी निवासी ढ़ढ़नी रणवीर राय थाना सुहवल जनपद गाजीपुर अपने झांसा में भोले भाले लड़कों को पैसों का लालच देकर बैंक में खाता खुलवाना फिर उस खाता को साइबर अपराधियो को मोटा पैसा लेकर बेच देना।
अपराध का तरीका जो अपनाया गया वह टास्क फ्रॉड / फेक रेटिंग में संलिप्त अभियुक्तगण के द्वारा फ्लीपकार्ड, मंत्रा, मिशो व अन्य शापिंग साइट्स पर शैडों फैंक्स डिलवरी के पोर्टल का ऐक्सेस लेकर डाटा चोरी करना तथा चोरी किये गये डाटा का इस्तेमाल फेक रेटिंग में करना तथा इसके बदले में सेलर से कमीशन प्राप्त करना रहा।
इसके अलावा संलिप्त अभियुक्तों द्वारा करेंट खाता खुलवाकर गेमिंग, ट्रेडिंग व अन्य साइबर अपराध के फ्रॉड की धनराशि प्राप्त करना रहा।
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