आंगनवाड़ी कार्यकत्री की नियुक्ति में लगा धांधली का आरोप
गाजीपुर। क्षेत्र पंचायत मनिहारी के ग्राम पंचायत बरहट में आंगनबाड़ी कार्यकत्री की नियुक्ति में धांधली का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने उच्चाधिकारियों सहित न्यायालय में दस्तक दे कर न्याय की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि गत 09 अप्रैल को बरहट गांव की मेनका सिंह का चयन आंगनबाड़ी कार्यकत्री के रूप में विभागीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद हुआ था। नियुक्ति के बाद मेनका सिंह ने पोषाहार वितरण से लेकर अन्य निर्धारित विभागीय कार्य पूरा किया। लगभग पांच महीने कार्य करने के बाद उनका ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट गलत बताकर उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और उनके स्थान पर
गांव की ही दीक्षा सिंह को उसी पद पर नियुक्ति दे दी गयी, जो वर्तमान में भी कार्य कर रही हैं।
सवाल उठता है कि यदि मेनका सिंह का ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट गलत था, तो उनके स्थान पर दूसरे नंबर की अभ्यर्थी दीक्षा सिंह का चयन शासनादेश की धज्जियां उड़ाते हुए कैसे हो गया।
शासनादेश के नियमों के मुताबिक, यदि किसी आंगनबाड़ी कार्यकत्री की नियुक्ति रद्द की जाती है, तो उस रिक्त पद पर पुनः पूरी प्रक्रिया के बाद नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करते हुए किसी अभ्यर्थी का चयन किया जाना चाहिए।
इस सम्बन्ध में बालविकास परियोजना अधिकारी मनिहारी कंचन यादव का कहना है कि मेनका सिंह का ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट गड़बड़ होने की वजह से उनकी नियुक्ति रद्द की गई। उन्होंने बताया कि दीक्षा सिंह की नियुक्ति न्यायालय के आदेश के बाद की गयी है।
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