फर्ज़ी प्रमाण पत्र लगाकर मेडिकल कालेज में प्रवेश का भण्डाफोड़
प्रवेशित नौ अभ्यर्थियों पर प्राथमिकी दर्ज, चिकित्सक के स्थान पर बनेंगे कैदी
गाजीपुर। यू.पी. नीट यू.जी. काउंसलिंग 2025 में फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर चिकित्सा महाविद्यालय में प्रवेश लेकर चिकित्सक बनने का सपना अधूरा रह गया। प्रमाण पत्र की जांच के आधार पर गाजीपुर जिले के 9 अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए जिस पर विधिक कार्रवाई करते हुए तहसीलदार सदर द्वारा कोतवाली सदर में धोखेबाज अभ्यर्थियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। धोखाधड़ी का चिकित्सक बनने का सपना संजोए ये अभ्यर्थी अब जेल की हवा खाएंगे।
उल्लेखनीय है कि यू.पी. नीट यू.जी. काउंसलिंग 2025 में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित उप श्रेणी के अन्तर्गत प्रवेश लेने वाले कई अभ्यर्थियों द्वारा धोखाधड़ी करते हुए फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। अभ्यर्थियों द्वारा लगाये गये स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र की जॉच हेतु महानिदेशक चिकित्सा एवं प्रशिक्षण लखनऊ द्वारा जॉच हेतु भेजा गया था। इसी क्रम में प्रमाण पत्रों की प्रारम्भिक जॉच अपर जिलाधिकारी वि.रा./प्रभारी अधिकारी प्रमाण पत्र कलेक्ट्रेट गाजीपुर से करायी गयी। जॉच के दौरान अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र कार्यालय अभिलेख से मिलान करने पर उक्त प्रमाण पत्र इस कार्यालय से जारी नही होना पाया गया। वहीं अभ्यर्थियों द्वारा लगाये गये प्रमाण पत्रों मे काफी भिन्नता भी पायी गयी। न्याय सहायक अधिकारी गाजीपुर ने जॉच कर बताया कि प्रमाण पत्र यहां से निर्गत नही़ हुए हैं। राजस्व सहायक कलेक्ट्रेट गाजीपुर की रिपोर्ट के अनुसार उक्त प्रमाण पत्रों का नम्बर उनके डाकबही से जारी नही किए गये हैं।
ऐसे अभ्यर्थियों में पंकज कुमार पुत्र कमलेश कुमार, सुमन संगम पुत्री विद्यानन्द यादव, मधुमिता कुमार पुत्री मिथलेश पाण्डेय, चंदन कुमार पुत्र लालबाबु सिंह, तान्या पुत्री सदन मोहन, अमित राज पुत्र संजय कुमार, अंकित आनन्द पुत्र संजय कुमार सभी निवासीगण गोराबाजार पोस्ट पीरनगर जिला गाज़ीपुर एंव आराधना सक्सेना पुत्री दिनेश सक्सेना एंव मयंक कुमार पुत्र रविशंकर मालगोदाम रोड पोस्ट मुख्य डाकघर ज़िला गाज़ीपुर शामिल हैं।
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