न्यायालय के आदेश की अनदेखी पड़ी भारी, आयी गिरफ्तारी की बारी ं(
पुलिस इंस्पेक्टर के विरुद्ध न्यायालय ने उठाया सख्त क दम
गाजीपुर। न्यायालय के आदेश की बार-बार अनदेखी पुलिस निरीक्षक को भारी पड़ गयी। न्यायालय ने इसे अपराध मानते हुए उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर, उन्हें गिरफ्तार कर निश्चित तिथि पर न्यायालय में पेश करने का हुक्म पुलिस क्षेत्राधिकारी को जारी कर दिया। इसके साथ ही न्यायालय ने उनके वेतन भुगतान पर भी रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया।
यह आदेश अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम शक्ति सिंह की अदालत ने छह अगस्त बुधवार को श्यामजी यादव प्रभारी निरीक्षक थाना शादियाबाद के विरुद्ध जारी किया।
बताते चलें कि न्यायालय ने यह आदेश जिले के मरदह थाना क्षेत्र में वर्ष 2019 में हुए रामसरेखा हत्याकांड के मामले में जारी किया है। यह मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम शक्ति सिंह की अदालत में केस संख्या 179/2019 राज्य बनाम सुशीला आदि में विचाराधीन है। मुकदमे में बतौर गवाह पुलिस निरीक्षक श्याम जी यादव का बयान दर्ज किया गया था। उसके बाद जिरह के लिए न्यायालय ने 9 जनवरी 2025 की तिथि निर्धारित की लेकिन निरीक्षक श्याम जी यादव नहीं पहुंचे तो न्यायालय ने अगली तिथि जारी कर दी लेकिन उस बार भी वे न्यायालय में पेश नहीं हुए तो न्यायालय ने पुनः दूसरी तिथि दे दी। ऐसा क्रम तकरीबन बारह बार चला लेकिन वे हर बार अनुपस्थित रहे। श्यामजी यादव की इस अनदेखी को न्यायालय ने संज्ञान में लेते हुए छह अगस्त बुधवार को पुलिस इंस्पेक्टर के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। न्यायालय ने कड़ा आदेश जारी कर पुलिस क्षेत्राधिकारी भुड़कुड़ा को निर्देशित किया कि थाना शादियाबाद के प्रभारी निरीक्षक श्याम जी यादव को गिरफ्तार कर 22 अगस्त को न्यायालय में उपस्थित करें। न्यायालय का यह आदेश जिले से चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की नजर इस आदेश पर टिकी हुई हैं।
Views: 87









