सत्य, न्याय और परहित धर्म पर आधारित है मनुष्यता

गाज़ीपुर। मानव धर्म प्रसार व्याख्यान माला का आयोजन जहूराबाद क्षेत्र के डाही ग्राम में गोपाल सिंह के निर्देशन में किया गया। श्री गंगा आश्रम की सलाहकार समिति के प्रमुख इंद्रदेव सिंह ने परमहंस बाबा गंगारामदास के चित्र के समक्ष दीप अर्चन, माल्यार्पण व पुष्पअर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य वक्ता माधव कृष्ण ने कहा कि, आज लोग भ्रष्टाचार और अनाचार में लिप्त हैं क्योंकि उन्हें घर जोड़ने की चिंता है। घर, भविष्य, धन, कीर्ति इत्यादि के लिए समस्त संसार जल रहा है। इसलिए कबीर साहब ने इस असत्य की नींव पर खड़े घर को ही फूंक देने की बात कही। जो घर फूंके आपना, चले हमारे साथ। घर जोड़ने के लिए सत्य के साथ समझौते करने वाला आध्यात्मिक तो छोड़िए, मनुष्य भी नहीं हो सकता है। परमहंस बाबा गंगारामदास ने धार्मिकता का आह्वान नहीं, मनुष्यता का आह्वान किया क्योंकि धार्मिकता अपनी स्थापना के लिए खून बहा सकती है, लेकिन मनुष्यता सत्य, न्याय और परहित धर्म के अतिरिक्त और किसी चीज की स्थापना नहीं करती है।


        विशिष्ट वक्ता इंद्रदेव सिंह ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने पिता का विधिवत अंतिम संस्कार नहीं किया था लेकिन महावीर जटायु को पिता के समान सम्मान दिया क्योंकि जटायु जंगल में तपस्या करने वाले ऋषि मुनियों से अधिक आध्यात्मिक निकले। उन्होंने स्त्री की करुण पुकार सुनकर उन्हें बचाने का अथक प्रयास किया। वहीं अगले वक्ता राजेंद्र जी ने कहा कि, मानव धर्म किसी जाति और धर्म विशेष का नहीं, इसलिए इसमें सभी लोगों को जुड़ना चाहिए क्योंकि आज मनुष्यता खतरे में है। ईश्वर वंदन, गुरु आरती व प्रसाद वितरण से कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में संतोष, धनंजय सिंह, अजय, वीरेंद्र, अनिरुद्ध और समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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