इंटरनेट के प्रयोग में सावधानी आवश्यक – डा.ए. के. राय 

गाज़ीपुर। सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर “टेक्नालॉजी की एक शाम – सुरक्षित इंटरनेट के नाम” बिषयक जागरुकता कार्यक्रम मंगलवार की शाम हाईटेक कालेज आफ मैनेजमेंट एंड ई टेक्नोलॉजी हंसराजपुर के सभागार में सम्पन्न हुआ।


       संस्थान के प्रबन्ध निदेशक प्रकाश गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता जर्नलिस्ट काउंसिल आफ इंडिया के राष्ट्रीय सलाहकार डा.ए.के. राय रहे। गोष्टी को संबोधित करते हुए पत्रकार कमल किशोर,चन्दन प्रजापति आदि वक्ताओं ने इंटरनेट की विस्तृत जानकारी दी। कहा कि समय के साथ बदलती टेक्नॉल्जी के साथ हमको भी बदलना जरूरी है। अगर हम नई टेक्नोलॉजी के साथ नहीं बदले तो पीछे रह जायेंगे।   

      मुख्य वक्ता डा. ए.के. राय ने कहा कि प्रत्येक वर्ष फरवरी माह के दूसरे मंगलवार को विश्व स्तर पर  “सुरक्षित इंटरनेट दिवस” मनाया जाता है। आज इंटरनेट का प्रभाव हमारे निजी, सामाजिक और व्यवसायिक जीवन पर पड़ रहा है। इंटरनेट के माध्यम से जहां हमें काम को शीघ्र करने में आसानी हो रही है, वहीं विश्व के हर क्षेत्र की जानकारियां आसानी से पलक झपकते ही मिल रही हैं। दूर दराज के क्षेत्र से सामानों की खरीद फरोख्त हो या पैसों का लेन-देन, अब बगैर बैंक गये ही आसानी से किए जा रहे हैं। इससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं और इंटरनेट पर भी यह लागू होता है। इंटरनेट सेवा हमारे जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी है‌‌ तो वहीं हमें इसके उपयोग में सावधानी बरतने की अत्यंत आवश्यकता है क्योंकि इसका दुरुपयोग करने वाले लोगों की कमी नहीं है। आज साइबर अपराध दुनिया भर में तेजी से बड़े हैं, उससे बचने के लिए हमें इंटरनेट के प्रयोग में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यदि हम जागरूक नहीं हुए तो हमें इंटरनेट उपयोग से काफी हानियां होने की भी संभावना बढ़ जाती है इसके लिए आवश्यक है कि इंटरनेट का प्रयोग करते समय हम विशेष सावधानियां बरतें और अपने निजी व व्यवसायिक जीवन या कार्यों की जानकारी किसी अपरिचित को कदापि साझा न करें। वहीं कभी भी अज्ञात नंबरों से आने वाले लिंक पर क्लिक न करें, तथा एटीएम व केवाईसी अपडेट के बहाने आपसे संवेदनशील जानकारी साझा करने के लिए कहें तो ऐसा कदापि न करें। कभी भी अज्ञात नंबरों से आने वाली कॉल्स पर पैसों से संबंधित मांग को पूरा न करें। आपके परिचित बनाकर या फिर कंपनी के प्रतिनिधि बनकर आपको कॉल करते हैं तो ऐसे कॉल पर कभी भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे ओटीपी, आधार, पैन या बैंक विवरण 

ऑनलाइन सझा न करें और सार्वजनिक वाई-फाई का उपयोग करने से बचें। इसके साथ ही लालच में आकर कभी भुगतान प्राप्त करने के लिए क्यू आर कोड स्कैन या ओटीपी पिन साझा न करें क्योंकि यह साइबर क्राइम के तरीके हो सकते हैं। उन्होने कहा कोई सरकारी एजेंसी (पुलिस, सीबीआई, ईडी आदि) वायस कॉल्स के माध्यम से आपकी जांच या गिरफ्तारी नहीं कर सकती, अगर कोई ऐसा कहता है तो आप किसी भी प्रकार के साइबर अपराध होने पर इसकी सूचना तत्काल 

संचारसाथीडाटजीओवीडाटकाम (https://sancharsaathi.gov.com) पर दें ताकि साइबर अपराधियों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जा सके।

      कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रकाश गुप्ता ने उपस्थित लोगों से सतर्कता के साथ इंटरनेट का उपयोग करने और दूसरों को भी जागरूक करने का आग्रह किया। इस अवसर पर संस्था के संरक्षक माधव प्रसाद गुप्ता, सिराजुद्दीन अंसारी, चन्द्र शेखर यादव, सुरेश यादव सहित क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक व प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

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