जिले के विकास में विश्वविद्यालय बनेगा मील का पत्थर
गाज़ीपुर। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी द्वारा एक जिला एक विश्वविद्यालय की पहल स्वागत योग्य कदम है।
गाज़ीपुर में विश्वविद्यालय की मांग काफी पुरानी है लेकिन तब सरकार ने इस मांग की अनदेखी ही नहीं की वरन छात्र आन्दोलन को कुचलने में कोई कोताही नहीं की। अनशनरत छात्रों को मारपीट कर जबरन अस्पताल और जेल तक भेजकर प्रशासन के बल पर आन्दोलन को दबा दिया।
अब माननीय मुख्यमंत्री जी की घोषणा से जनपद के साहित्यिक लोगों, बुद्धिजीवियों तथा छात्र छात्राओं में आस जगी है। पीजी कॉलेज मलिकपूरा के प्राचार्य प्रो डा. दिवाकर सिंह ने कहा कि ग़ाज़ीपुर जनपद के बौद्धिक, सामाजिक विकास की दिशा में विश्वविद्यालय की नितांत आवश्यकता हो गयी है | आज जनपद में सबसे अधिक 365 महाविद्यालय हैं। सबसे ज्यादा नामांकन दर इस आवश्यकता को मूर्त स्वरूप देने के लिए पर्याप्त कारण है| इसके साथ वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर की भौगोलिक दूरी(110किमी), छात्र सुविधा एवं प्रसाशनिक कार्य में कुशल संचालन में एक महत्वपूर्ण बाधा भी है। ऐसे में ग़ाज़ीपुर जनपद को एक केंद्रीय स्तर का स्टेट ऑफ आर्ट से युक्त विश्वविद्यालय माननीय मुख्यमंत्री जी के उच्च शिक्षा के लक्ष्यों एवं साध्यों को प्राप्त करने में मील का पत्थर साबित होगा।
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