मात्र दिखावे की वस्तु बन कर रह गया है सरकारी नलकूप
जीपुर। खेतों की सिंचाई के लिए लगायें गये सरकारी नलकूप मात्र दिखावे की वस्तु बन कर रह गये हैं। शहीद वीर अब्दुल हमीद के गांव धामूपुर में वर्षों पहले, सिंचाई के लिए लगाया गया नलकूप अब अपनी बेबसी पर आंसू बहा रहा है।
किसानों को इससे सिंचाई के लिए पानी नसीब नहीं हो रहा है, मजबूरन किसान निजी पंपसेटों के जरिए खेतों की सिंचाई कर रहे हैं।
दरअसल कम बरसात के चलते कई इलाकों में खेतों में धान की रोपाई और सिंचाई चल रही है। इस सिंचाई के समय सरकारी नलकूप किसानों को को धोखा दे रहे हैं, जिससे किसानों की मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ती जा रही हैं।
भुक्तभोगी किसानों का कहना है कि करीब आठ साल पहले इस नलकूप को लगाया गया था तो लोगों में आज जगी थी कि अब उन्हें सिंचाई के लिए भाग दौड़ नहीं करनी होगी और इस नलकूप से वे आसानी से अपने खेतों की सिंचाई कर लेंगे। कुछ दिनों तक काम करने के बाद लगभग एक साल से किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने बताया कि इस नलकुप संख्या 377 पर 20 अश्वशक्ति पॉवर का मोटर लगाया गया था, लेकिन बाद में इस पर 10 अश्वशक्ति का मोटर लगाया और जो कुलावा लगाया गया है वह भी पूरी तरह खराब हो गया है, मजबूरन वे निजी पंपिंग सेट से अपने खेतों की सिचाई करने को बाध्य हैं, लेकिन जिन किसानों को केवल सरकारी नलकूप का ही सहारा था उनकी फसलें पानी के अभाव में सूख रही हैं।
गांव के किसानों ने इसकी शिकायत कई बार उच्चाधिकारियों से की लेकिन कोई समाधान नहीं मिल सका। इससे परेशान होकर अनिकेत चौहान ने केन्दीय सिचाई मंत्री गजेंद्र सिंह शिखावत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को ट्वीट कर इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
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