कच्ची उम्र का प्रेम ……पूरा परिवार साफ

कलयुगी पुत्र ने ही की थी मां-बाप तथा बड़े भाई की गला काटकर हत्या 

गाजीपुर। कच्ची उम्र के अधकचरे प्रेम के वशीभूत होकर एक किशोर ने अपने सगे मां-बाप तथा इकलौते बड़े भाई की हत्या कर दी और फिर स्वयं इस जुर्म में सलाखों के पीछे जा पहुंचा। 

   बताते चलें कि नन्दगंज थाना क्षेत्र के कुसुम्हीकलाँ खिलवा गांव में रविवार की देर रात एक ही परिवार के पति, पत्नी तथा युवा पुत्र की गला रेत कर हुए सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर का पर्दाफाश पुलिस ने चौबीस घंटे के भीतर कर दिया।

       घटना की तहकीकात में लगी स्वाट/सर्विलांस व थाना नंदगंज की संयुक्त पुलिस टीम ने ट्रिपल मर्डर का चौबीस घण्टे के अंदर सफल अनावरण करते हुए घटना कारित करने वाले बाल अपचारी को हिरासत में ले लिया। वहीं उसकी निशादेही पर आलाकत्ल लोहे का धारदार खुरपा भी बरामद कर लिया।

    उल्लेखनीय है कि दिनांक 08 जुलाई को वादी मुकदमा राम प्रकाश बिन्द द्वारा थाना नन्दगंज पर लिखित सूचना दी गई कि मेरे छोटे भाई मुंशी बिन्द पुत्र सोबरन बिन्द उम्र करीब 45 वर्ष, राम आशीष बिन्द पुत्र मुंशी बिन्द उम्र करीब 20 वर्ष व देवंती बिन्द पत्नी मुंशी बिन्द उम्र करीब 40 वर्ष(पति-पत्नी व बेटा) की रात्रि में सोते समय गाँव के राधे बिन्द व उसके सहयोगियों द्वारा हत्या कर दी गई है । इस पर हत्या का मुकदमा धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता 2023 दर्ज किया गया। पुलिस उच्चाधिकारियों ने इसे चुनौती के रूप में लेते हुए इस सनसनीखेज घटना के अनावरण के सम्बन्ध में स्वाट सर्विलांस व थाना नंदगंज पुलिस को विशेष रूप से निर्देशित किया। 

        संयुक्त टीमों द्वारा स्थानीय अभिसूचना, विभिन्न लोगों से पूछताछ एवं परिस्थितिजन साक्ष्यों के आधार पर चौबीस घण्टे के अंदर हत्यारे बाल अपचारी को गिरफ्तार कर लिया जिसने अपने सगे मां-बाप तथा बड़े भाई की हत्या को अंजाम दिया था।

     घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बताया कि तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाला बाल अपचारी अपने गाँव की एक लड़की से करीब दो साल से  प्यार करता था और उससे शादी करने के लिए तैयार था। लड़की भी उससे शादी करने के लिए तैयार थी। लेकिन  लड़के के माँ-बाप व बड़ा भाई उसे लड़की से शादी न करने के लिए दबाव बनाते थे। इसके लिए गत छह जुलाई को उन लोगों द्वारा लड़के को मारा-पीटा गया और उसके मोबाईल को तोड़ दिया गया।  माता-पिता और बड़े भाई के व्यवहार से वह क्रुद्ध होकर इन लोगों को रास्ते से हटाने का मन बना लिया और फिर सात जुलाई की रात को उसने सोते समय पहले पिता, फिर माता और अन्त में भाई की गला काटकर हत्या कर दिया ।आशीष के अधकचरे प्रेम में बाधक बन रहे मां-बाप तथा बड़ा भाई जहां अपने ही चिराग के कारनामे से मौत के आगोश में समा गए वही स्वयं आशीष भी इस कुकृत्य के कारण सलाखों की जद में आकर अपनी जिंदगी चौपट कर बैठा।

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