विदुषी वर्मा ने सुमधुर गायन ने घाट संध्या को बनाया यादगार
वाराणसी। विश्व प्रसिद्ध गंगा के अस्सी घाट के सुबह -ए- बनारस के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंच पर आयोजित होने वाले “घाट संध्या “में प्रतिभावान गायिका विदुषी वर्मा ने अपनी गायिकी से श्रोताओं को मंत्र- मुग्ध कर दिया।
दर्शकों और श्रोताओं से भरे कार्यक्रम में विदुषी वर्मा ने अपने गायन का शुभारम्भ सावन बीता जाए ठुमरी से किया। इसके उपरान्त उन्होंने सखी सावन में कजरी, कारी कारी झुकी आई रे बदरिया, बरसन लागे बदरिया गा कर सावनी मौसम का एहसास कराते हुए लोगों को झुमने पर मजबूर कर दिया। अंत में उन्होंने भजन कष्ट हरण तेरे नाम राम हो प्रस्तुत किया। विदुषी के साथ तबले पर वेदांत सिंह एवं हारमोनियम पर ज्योत्सना भट्टाचार्या ने संगति प्रदान की। विदित हो कि विदुषी वर्मा सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित देवाशीष दे के देख-रेख में संगीत की शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। कार्यक्रम के अंत में सृजन आईएएस अकादमी के निदेशक सुनील श्रीवास्तव ने विदुषी को प्रमाण पत्र प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रेम नारायण सिंह ने किया।
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