एकतरफा अधूरी प्रेम कहानी, आलाकत्ल सहित तीन अभियुक्त गिरफ्तार

गाजीपुर। दुल्लहपुर थाना पुलिस व स्वाट टीम ने गत 13/14 अगस्त 2022 की रात्रि में हुई हत्या से सम्बन्धित तीन अभियुक्तो को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपराध तथा अपराधियों पर प्रभावी नियन्त्रण हेतु चलाये जा रहे, अभियान के तहत, रात्रि में चलाये गये चेकिंग के दौरान, हत्या से सम्बन्धित प्रकाश मे आये अभियुक्त ओमप्रकाश यादव पुत्र प्रेम यादव को अमारी गेट के पास से रात एक बजे तथा अभियुक्त पिन्टु यादव पुत्र मुन्ना यादव निवासी गण नसीरपुर जीवन थाना दुल्लहपुर जनपद गाजीपुर और संदीप कुमार पुत्र शिवसरन निवासी अमेहता (गोदसइया) थाना दुल्लहपुर जनपद गाजीपुर को दुल्लहपुर स्टेशन से समय रात करीब ढाई बजे गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार किये गये अभियुक्त ओमप्रकाश यादव की निशानदेही पर हत्या मे प्रयोग किया गया आलाकत्ल एक चापड (गडासी) व मृतक का एक शर्ट खून लगा हुआ बरामद किया गया। उक्त जानकारी पुलिस अधीक्षक ने पत्रकार वार्ता में पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि पूछताछ में अभियुक्त ओमप्रकाश यादव द्वारा बताया गया कि मैं एक लड़की को चाहता था परन्तु वह लड़की मृतक आशीष चौहान पुत्र रामकवल चौहान निवासी मोलनापुर थाना दुल्लहपुर गाजीपुर को चाहती थी। इसी बात को लेकर एक माह पूर्व हम दोनों मे विवाद हुआ था। दिनांक 13 अगस्त 2022 को उसी लड़की के सम्बन्धों को लेकर आशीष के दुकान पर मुझसे व आशीष से धक्का मुक्की हुई थी तभी आशीष को मारने का प्लान बनाया। पिन्टु यादव द्वारा आशीष के दुकान से अपनी बहन की शादी मे 70-80 हजार रुपये का किराना का सामान उधार लिया था। आशीष द्वारा पिन्टु से बार बार उधार का पैसा मांगा जा रहा था। इसी बात को लेकर पिन्टु से भी विवाद हुआ था तथा वह लडकी जो संदीप की चचेरी बहन है उसके आशीष से नाजायज सम्बन्धो को लेकर समाज मे काफी बदनामी होने के कारण संदीप ने आशीष को कई बार उससे मिलने जुलने से मना किया किन्तु आशीष नही माना तथा संदीप को भी धमकी दिया कि अगर तुम बीच मे पडे तो तुम्हे ठिकाने लगा दूंगा। इससे संदीप की भी आशीष से हाथापायी व गाली गलौज हुई थी जिससे संदीप भी आशीष से मन ही मन काफी जलन व दुश्मनी रखने लगा था। इस पर ओमप्रकाश, संदीप व पिन्टु तीनों लोगों ने मिलकर दिनांक 13 अगस्त 2022 की रात्रि में प्लान करके आशीष के किराये के मकान में गये। वहां चैनल व आशीष के कमरे का दरवाजा खुला था। उस समय रात्रि के करीब 2.30 बज रहे थे। तीनों अभियुक्त दरवाजा खुला पाकर चुपचाप आशीष के कमरे में दाखिल हुए तथा सोते हुए ही संदीप एवं पिन्टु ने आशीष का हाथ पैर पकड लिया तथा ओमप्रकाश ने लोहे के गड़ासे से आशीष के शरीर पर कई वार किये। तीनों अभियुक्त आशीष को मरा समझकर वहां से भाग गये, लेकिन आशीष की मृत्यु नहीं हुई थी। होश में आने पर उसने अपने बगल के कमरे मे सो रहे रामरतन पाल को किसी तरह जगाया किन्तु जबडा, हाथ तथा शरीर पर गहरे घाव होने के कारण उसे कुछ बता नही पाया। स्थिति को देखकर रामरतन पाल द्वारा 112 नम्बर पर पुलिस को सूचना दी गयी थी।


गिरफ्तार अभियुक्त ओमप्रकाश यादव को अमारी गेट के पास से रात्रि में गिरफ्तार करने के उपरांत उसकी निशानदेही पर आलाकत्ल रक्त रंजित गडासा तथा मृतक की खून से सनी कमीज जिसमें ओमप्रकाश ने अपने हाथ पोछे थे, को रेलवे लाइन के किनारे झाड़ियों से बरामद किया गया। अभियुक्त ओमप्रकाश की ही निशानदेही पर रेलवे स्टेशन दुल्लहपुर के प्लेटफार्म नं0 1 के दक्षिणी तरफ रेलवे लाइन के किनारे से शेष अभियुक्त गण संदीप राम व पिन्टु यादव को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में दुल्लहपुर थाने के थानाध्यक्ष शैलेश कुमार मिश्र, उपनिरीक्षक सुरेन्द्र कुमार दूबे तथा आरक्षी वैभव सिंह, रंजीत कुमार सिंह, आदित्य यादव, रोहित सिंह व कमलकांत साहू शामिल रहे।
पुलिस स्वाट टीम में उपनिरीक्षक रामाश्रय राय, मुख्य आरक्षी विनय यादव व सुजीत सिंह,आरक्षी आशुतोष सिंह तथा विकास श्रीवास्तव शामिल रहे।पुलिस अधीक्षक रोहन पी बोत्रे ने इसमें शामिल पुलिस टीम को ₹10000 के पुरस्कार से पुरस्कृत किया है। सुनें पुलिस अधीक्षक की बाइट

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