वृद्धों के लिए विधिक साक्षरता शिविर में मिली जानकारी, भ्रूण लिंग परीक्षण कानूनी अपराध

गाजीपुर। उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वाधान तथा जनपद न्यायाधीश के आदेशानुसार गुरुवार को, वरिष्ठ नागरिकों के भरण पोषण अधिनियम 2007 के तहत विधिक साक्षरता शिविर कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर पूर्णकालिक सचिव, श्रीमती कामायनी दूबे, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण uni हैं, वे अपने व्यस्क बच्चों अथवा ऐसे संबंधितों से भरण-पोषण करने हेतु आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने वृद्धा पेंशन एवं विधवा पेंशन न मिलने के विषय में बताया। बालिका शिशु के महत्व और भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाना उनके स्वास्थ्य, सम्मान, शिक्षा, पोषण आदि से जुडे़ मुद्दों तथा पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक, भारत में कन्या भू्रण हत्या और गिरते लिंगानुपात को रोकने के लिएप प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसे में अल्ट्रासाउंड या अल्ट्रासोनोग्राफी कराने वाले जोडे़ या करने वाले डाक्टर, लैब कर्मी को तीन से पांच साल सजा और 10 से 50 हजार जुर्माने की सजा के बारे में चर्चा की गयी।


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