न्यायायिक अधिकारियों ने किया आश्रय गृहों का निरीक्षण, दिये आवश्यक निर्देश

गाजीपुर। आश्रय गृहों के निरीक्षण के लिए गठित की गयी जिला समिति के अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुरेन्द्र सिंह, सदस्य जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह एवं सदस्या पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती कामायनी दूबे द्वारा संरक्षण गृहों का निरीक्षण एवं शिविर का आयोजन किया गया।
इसी क्रम में स्व. शिवपूजन पाठक बालगृह; बालिका, रस्तीपुर, सैदपुर (जो सैदपुर सादात सड़क मार्ग से लगभग 2-3 कि.मी. अन्दर अवस्थित है)का निरीक्षण किया गया। बालगृह में उपस्थिति पंजिका के अनुसार 13 कर्मचारी कार्यरत है जिसमें से 3 कर्मचारी अनुपस्थित पाये गये जबकि 2 कर्मचारियों की ड्यूटी रात में हैं। संस्था में आवासित बालिकाओं की संख्या उपस्थिति पंजिका के अनुसार सही रही। बालिकाओं की सुरक्षा हेतु विशेष प्रबंध होना चाहिए, जबकि सुरक्षा हेतु किये गये प्रबंध पर्याप्त नही हैं। माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजीपुर द्वारा अधीक्षिका को निर्देशित किया गया कि कोविड-19 के प्रोटोकाल का अनुपालन करने के साथ बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का उचित प्रबन्ध करें। अधीक्षिका की उदासीनता के प्रति रोष व्यक्त करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने हेतु दिशा-निर्देश दिया गया। संस्था में आवासित बालक उपस्थिति पंजिका के अनुसार उपस्थित रहे। समिति द्वारा सम्बंधित बालगृह (बालक) अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि वे बच्चों के भोजन की गुणवत्ता बनाये रखें। अन्दर लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक करते हुए बालगृह में दवा की उपलब्धता, सैनिटाइजेशन एवं कोविड-19 की जांच के संबंध में जानकारी ली। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि वह बालको के भोजन की गुणवत्ता में सुधार करें तथा प्रत्येक दशा में मास्क का प्रयोग एवं साफ-सफाई कराना सुनिश्चित करें। किसी भी बालक द्वारा किसी उत्पीड़न अथवा परेशानी का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। समिति के द्वारा बताया गया कि हर बच्चे को शिक्षा पाने का अधिकार है। यथा संभव हर बच्चे को उच्च शिक्षा दिलवाए, विद्यालयों में अनुशासन बच्चों के आत्मसम्मान को चोट पहुंचाने वाला न हो। शिक्षा बच्चों के ऐसे जीवन के लिए तैयार करे जो उसमें समझ, शान्ति एवं सहनशीलता विकसित करे। बच्चों के सम्पूर्ण विकास में खेलकूद, मनोरंजन, सांस्कृतिक गतिविधियों व विज्ञान का बड़ा हाथ होता है। इसलिए हर बच्चे को छुट्टी, खेलकूद तथा कलात्मक, सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार प्राप्त है। बच्चों के अधिकार देकर हम बच्चों का जीवन संवार सकते हैं। बच्चों के अधिकारों से संबंधित घोषणा पत्र अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकारों के कानून में सबसे अधिक स्पष्ट व वृहद है। राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी गाजीपुर एवं राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) गाजीपुर का निरीक्षण किया गया। राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी गाजीपुर में अधिकारी/कर्मचारीगण तथा आवासित किशोर उपस्थिति पंजिका के अनुसार उपस्थित पाये गये। राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी गाजीपुर एवं राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) गाजीपुर को निर्देशित किया गया कि शौचालय में साफ-सफाई एवं हार्पिक, साबुन, हैण्डवाश, मच्छरों के लिए छिड़काव आदि की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। किसी भी बालक द्वारा किसी उत्पीड़न अथवा परेशानी का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। वन स्टाप सेंटर, सरकारी हास्पिटल, गोराबाजार के निरीक्षण दौरान उपस्थिति पंजिका के अनुसार कर्मचारीगण व सुरक्षा व्यवस्था के लिए सुरक्षकर्मी/होमगार्ड उपस्थित थे। मुख्य द्वार, परामर्श कक्ष, हाल, बाथरूम एवं शौचालय में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था के लिए समिति द्वारा प्रभारी सेंटर मैंनेजर को निर्देशित किया गया। वन स्टाप सेंटर, सरकारी हास्पिटल, गोराबाजार, गाजीपुर में रिर्पोटिंग चौकी, महिला थाना द्वारा महिला पुलिस कांस्टेबल की पोस्टिंग हैं।

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