घर को आग लग गयी घर के चिराग से

पत्रकार ही घोंट रहें है पत्रकारों की आवाज – जेसीआई


बरेली। जिस चिराग को घर की रोशनी के लिए सहेजा था,उसी चिराग ने घर को ही जला डाला, यह कहावत आज उन पत्रकारों पर सटीक बैठती है जो अपने ही लोगों की आवाज को घोंटने का काम कर रहे हैं।
       यह कहना है देश के पत्रकारों के संगठन जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अनुराग सक्सेना का। उन्होंने कहा कि अक्सर देखने में आया है कि अनेकों ऐसे पत्रकार हैं जो किसी पीड़ित पत्रकार की समस्या संज्ञान में आने के बावजूद उसे अपने समाचार पत्र, पोर्टल व चैनल पर स्थान देने से कतराते हैं। इसके कारण शासन प्रशासन भी पत्रकारों की समस्याओं की अनदेखी कर देता है और पीड़ित पत्रकार की समस्या का समाधान नहीं हो पाता। ऐसे में समाज के लोगों की समस्याओं को उजागर कर उनका निराकरण कराने वाला पत्रकार स्वयं अपनी उपेक्षा से मर्माहत हो जाता है।
   वर्तमान समय में सच को समाज के सामने लाने के कार्य को पत्रकार बखूबी अंजाम दे रहे हैं और सच सामने आने पर दोषी व्यक्ति, पत्रकार के दुश्मन बन जाते हैं। परिणामस्वरूप पत्रकार पर हमले या झूठे मुकदमें दर्ज करके उन्हे प्रताड़ित किये जाने के प्रकरण दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं।
    आज देश प्रदेश में आये दिन पत्रकारों पर हो रहे हमले, दर्ज फर्जी मुकदमों से आहत, जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अनुराग सक्सेना
ने कहा कि अब पत्रकार साथियों को अपनी लड़ाई एकजुट होकर लड़ना होगा। पत्रकारों को अपनी कलम के माध्यम से अपना विरोध प्रदर्शन करना चाहिए तभी आपकी आवाज शासन और प्रशासन तक पहुंचेगी और आवाज पहुंचने पर ही उसका निराकरण संभव है। ऐसा करने से ही पत्रकार समाज सुरक्षित रह सकता है। उन्होंने देश के सभी पत्रकारों से, पत्रकार हितों की रक्षा हेतु,अपनी कलम के माध्यम से अपनी पीड़ा को बुलंद करने का आह्वान किया।
      उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए पत्रकार का निष्पक्ष और निर्भीक होकर काम करना आवश्यक है। सच के सामने आने पर ही दोषियों के चेहरे उजागर होते हैं और इस काम में पत्रकार अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आज पत्रकार निष्पक्ष और निर्भीक होकर पत्रकारिता कैसे कर सके, यह सोचना सरकार का काम है परन्तु वास्तविकता यह है कि सरकार के पास यह आंकडा ही नहीं है कि पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़कर आज कितने लोग अपनी सेवाए दे रहे हैं।
   श्री सक्सेना ने कहा कि कलम के माध्यम से पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाने के लिए पत्रकारों को जागरूक करने के लिए संस्था की ओर से एक शपथ कार्यक्रम पूरे देश में चलाया जा रहा है। इसके लिए संस्था की ओर से पत्रकारों को एक शपथ दिलवाई जा रही है कि यदि किसी पीड़ित पत्रकार की समस्या उनके संज्ञान में आती है तो वह समस्या को अपने समाचार पत्र, पोर्टल व चैनल के माध्यम से उठाने में संकोच नहीं करेंगे और इसके लिए अन्य पत्रकारों को भी प्रेरित करेंगे।

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