डूबा पत्रकार जगत का सितारा,नहीं रहे सत्य प्रकाश असीम

गाजीपुर। जिले के मुहम्मदाबाद के मूलनिवासी वरिष्ठ पत्रकार, कवि और लेखक सत्य प्रकाश असीम का कोरोना संक्रमण से सोमवार की सुबह उत्तराखंड के देहरादून में निधन हो गया। 65 वर्षीय असीम करीब 10 दिन पूर्व कोरोना से संक्रमित हुए थे। उनके परिवार में पुत्र पुनीत प्रकाश और पुत्री एकता है। उनका अंतिम संस्कार भी देहरादून में किया गया। मुखाग्नि उनके पुत्र पुनित ने दी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1956 में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद में एक ब्राह्मण परिवार में जन्मे असीम की रुचि लेखनकार्य में काशी विद्यापीठ, वाराणसी से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर करने के पहले से ही रही। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत वाराणसी के राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक “आज” से की। वह पटना “आज” के स्थानीय सम्पादक, फिर नयी दिल्ली स्थित “आज “में राजनीतिक सम्पादक भी रहे। वर्ष 1985 से वर्ष 1988 के बीच बिहार के मुख्यमंत्री बिन्देश्वरी दुबे के वह प्रेस सलाहकार भी रहे। हिन्दी पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1987 में “राजभाषा पुरस्कार” मिला। वह वर्ष 2003 के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की जूरी के सदस्य भी रहे। उन्होंने राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न विषयों पर दूरदर्शन के लिए कई वृत्तचित्रों एवं धारावाहिकों का लेखन-निर्माण एवं निर्देशन किया। पार्किन्संस जैसी बीमारी के बावजूद लिखने पढ़ने में उनकी रूचि कभी कम नहीं हुई। उनकी कविताओं का संग्रह “सुन समंदर” 2016 में और उपन्यास ‘योगिनी मंदिर’ 2017 में प्रकाशित हुआ।


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