दो पाटन के बीच में साबुत बचा न कोय

गाजीपुर। गरीबोत्थान के लिए समर्पित केंद्र व राज्य सरकार भले ही अपनी योजनाओं का ढिढोरा पीट रही है परन्तु मनिहारी क्षेत्र के स्थान विशेष के बांसफोर समाज के लोग अभी इससे पूरी तरह वंचित हैं।
क्षेत्र के सिखड़ी,धीरजीजोत,चकमलूक ग्राम पंचायत के ठीक सरहद पर बसे आजादी से लेकर आज तक बासफोर समाज को सरकारी योजनाओं के तहद फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है। पीड़ितों का कहना है कि आए दिन सरकार की योजनाओं में वनवासी समाज बासफोर समाज के उत्थान के लिए शौचालय आवास, बिजली, पानी,पेंशन, सड़क की योजना चलाई गई हैं परन्तु यहाँ रह रहे बासफोर समाज आज भी योजनाओं से वंचित हैं। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत के अधिकारी नहीं बता पाते इन लोगों की झोपड़पट्टी किस ग्राम सभा में पड़ता है,जबकि वास्तविकता यह है कि बासफोर समाज के लोगों का आधार कार्ड और निर्वाचन कार्ड सिखड़ी ग्राम सभा के तरफ से बनवाया है और वे अपना मतदान का प्रयोग भी सिखड़ी में करते हैं। इसके बावजूद जब योजनाओं का लाभ पाने के लिए होता है, तो अधिकारी उनके घरों को अपने-अपने नक्शे से बाहर बताते हैं। इसी के चलते आज तक इन गरीब परिवारों को अब तक किसी भी योजनाओं का लाभ नहीं मिला।
भुक्तभोगियों का कहना है कि कुछ दिन पहले सीडीओ ने बासफोर समाज के उत्थान की तमाम योजनाओं के लिए जागरूकता अभियान चलाया, जिसको लेकर बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बिजली का खम्भा इनके घरों तक पहुंचाया तथा इनके झोपड़पट्टी पर ही बिजली का मीटर भी लगा दिया। वास्तविकता यह है कि आज तक कनेक्शन नहीं दिया। जिससे आज भी अंधेरे में रहना पड़ता है। वर्तमान समय में मुसाफिर बसफोर व उनके साथ उनकी चार सन्तान मुराली,सोनू,छन्नू,छांगुर अपने परिवार के साथ अलग अलग झोपड़ी डालकर रहते है और पुश्तैनी कारोबार बॉस की दउरी, सूप, डाली,खाँची,पंखी बनाकर जीविकोपार्जन करते हैं। मुराली बासफोर ने कहा कि अधिकारी तो आते है लेकिन आज तक कोई सरकारी सुबिधा नही मिला।आज भी तीन गाँवो के नक्शे के चक्कर में आवास,शौचालय,पेंशन,पानी,जलनिकासी सहित अन्य सुबिधा नही मिली। सिर्फ लॉक डाउन के राहत सामग्री ही मिली है। पीड़ित बांसफोरों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उन्हें भी सरकारी योजनाओं का लाभ उपलव्ध कराने की मांग जनहित में की है।


रिपोर्ट – संजय चौबे

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