कवि की नयी रचना

मेहनत गाने से पहले हम।
चलो आज संरक्षण गाएँ ।।
लोन उठाकर तलें पकौड़ा।
सुबह उठें राजा बन जाएँ ।।


निर्भरता का साथ छोड़कर ।
चलो आत्मनिर्भर हो जाएँ ।।
झूठ यहाँ पर उछल रहा है ।
चलो आज सच्चाई लाएँ ।।

नेता जी हमसे कहते हैं
चीनी कंपनियों को लाएँ ।।
खड़ा करें खुद को पैरों पर ।
बेकारी को दूर भगाएँ ।।

पूँजी के निवेश को समझें ।
और प्रदूषण से लड़ जाएँ ।।
दुनिया भर की कंपनियों को ।
क्यों हम भारत में ले आएँ । ।

जब भी फैले यहाँ प्रदूषण ।
पूरे भारत को समझाएँ । ।
लाभ उठाने वालों के हम ।
कैसे मतदाता बन जाएँ ।।

नीति नियत दोनों को समझें ।
फिर अपना हथियार उठाएँ ।।
धोखा दायक हर विचार को ।
सीमा के उस पार भगाएँ ।।

जन मानस के हर सवाल को ।
यहाँ वहाँ हर जगह उठाएँ ।।
भारत की मर्यादा समझें ।
नैतिकता का ध्वज फहराएँ ।।

जो भी झूठ प्रचारित करता ।
उसका जीवन नर्क बनाएँ । ।
सारे भारतवासी मिलकर ।
भारत का सौभाग्य बनाएँ ।।
अन्वेषी

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