जिस कार्य को करने से तन, मन और वाणी शुद्ध हो वही पूजा है – महामंडलेश्वर स्वामी
गाजीपुर। संत-महात्माओं का चरण पकड़ने के स्थान पर यदि उनके उच्च आचरण को आत्मसात किया जाये तो अवश्य कल्याण होगा। उक्त विचार प्रसिद्ध सिद्धपीठ हथियाराम मठ के 26वें पीठाधिपति एवं … Read More








