खेत बचाओ अभियान’ में किसानों ने जानी खेती की हकीकत
Aगाजीपुर। कृषि विज्ञान केन्द्र, पीजी कालेज, गाजीपुर द्वारा ‘खेत बचाओ अभियान’ स्वस्थ मिट्टी सशक्त किसान, समृद्ध भारत की शुरूआत सदर ब्लाक के सकरा गॉव से शुभारंभ किया गया। इस अभियान के दौरान पूरे देश में 1650 फील्ड टीमें, 500 विशेष अभियान टीमें, 1150 सहयोगी टीमें लगी हैं।
केन्द्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. डी.के. सिंह ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक एवं गलत प्रयोग से मृदा की उर्वरा शक्ति में दिन-प्रतिदिन कमी होती जा रही है। खेती की लागत बढ़ रही है एवं फसल उत्पादन घटता जा रहा है। इसी कड़ी में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा 1 जून से 30 जून तक खेती बचाओं अभियान कार्यक्रम जनपद के प्रत्येक गॉवो में आयोजित होगा। मृदा की उर्वरता शक्ति को बनाये रखने, खरीफ फसलों में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कम करने एवं फसल उत्पादन बढ़ाने हेतु जनपद के विभिन्न गॉवों में कृषक जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। खेती की लागत को कम करने के लिए एवं मृदा की उर्वरता श्क्ति को बनाये रखने के लिए खरीफ की फसलों की बुवाई के पूर्व हरी खाद के रूप में सनई, ढैंचा, उर्द, मूॅग इत्यादि के प्रयोग पर जोर दिया गया। हरी खाद के प्रयोग से मिट्टी के अन्दर जीवांश कार्बन की मात्रा में वृद्धि होगी जो तत्व मृदा के अन्दर अघुलनशील अवस्था में हैं उसकी उपलब्ध्ता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होते हैं। हरि खाद के प्रयोग से मिट्टी के अन्दर जीवांश स्तर की मात्रा में वृद्धि होगी। मिट्टी में जल धारण की क्षमता बढ़ेगी एवं मिट्टी के अन्दर सूक्ष्म जीवाणुओं की संख्या में वृद्धि होगी।
इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार व सचिन तिवारी क्षेत्रीय प्रबंधक इफको ने बताया कि किसान भाई नैनो यूरिया, नैनो डी.ए.पी., नैनो ए.पी.के. एवं सागरिका का प्रयोग खेत में करके अपनी लागत को कम करें एवं उत्पादन को बढ़ायें। ए.टी.एम., बी.टी.एम. एवं सकरा के ग्राम प्रधान लल्लन सिंह के नेतृत्व में ‘खेत बचाओ अभियान’ आयोजित किया गया जिसमें 52 किसानों ने भागीदारी निभाई।
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