त्याग, सेवा, सत्य और धर्म का अनुपम उदाहरण है मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन
गाजीपुर। देश के सर्वमान्य जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर व सिद्धपीठ हथियाराम मठ के पीठाधीश्वर स्वामी श्री भवानीनंदन यति महाराज इन दिनों अपनी पारम्परिक रामहित यात्रा पर हैं। इस यात्रा के दौरान संत शिरोमणि महाराजश्री ने विभिन्न क्षेत्रों में रात्रि प्रवास कर अपने धर्मोपदेश में श्रद्धालु भक्त जनों को सनातनी परम्परा और सत्कर्म के मार्ग का अनुसरण करने की सीख दी। मंगलवार को उन्होंने सादात क्षेत्र के बिजहरी गांव में रुककर लोगों को धर्म कर्म अपनाने और वैदिक परम्पराओं का अनुसरण करने का आह्वान किया। वहीं बुधवार को ग्राम हुरमुजपुर में आयोजित एक दिवसीय रामहित कार्यक्रम में सिद्धपीठ हथियाराम के पीठाधिपति महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति महाराज ने सेवा, सद्भाव और धर्म धारण का संदेश दिया। उन्होंने मानवता को सर्वोपरि बताते हुए समाज को एकजुट करने वाले कार्यक्रमों की सराहना की। इससे पूर्व एक दिवसीय रामहित कार्यक्रम में बिजहरी से हुरमुजपुर पहुंचने पर ग्रामवासियों ने बैंड बाजा और जयघोष के साथ महाराज श्री को माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया।
वहीं बुधवार को ग्राम हुरमुजपुर में आयोजित एक दिवसीय रामहित कार्यक्रम में सिद्धपीठ हथियाराम के पीठाधिपति महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति महाराज ने सेवा, सद्भाव और धर्म धारण का संदेश दिया। उन्होंने मानवता को सर्वोपरि बताते हुए समाज को एकजुट करने वाले कार्यक्रमों की सराहना की। इससे पूर्व एक दिवसीय रामहित कार्यक्रम में बिजहरी से हुरमुजपुर पहुंचने पर ग्रामवासियों ने बैंड बाजा और जयघोष के साथ महाराज श्री को माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया।
अपने आशीर्वचन में महामंडलेश्वर भवानीनंदन यति महाराज ने विशाल श्रद्धालु जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि रामभक्ति, सनातन संस्कृति और सामाजिक सद्भाव जीवन को सही दिशा देने वाले मूल स्तंभ हैं। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन त्याग, सेवा, सत्य और धर्म का अनुपम उदाहरण है।
रामहित कार्यक्रम के उद्देश्य की चर्चा करते हुए स्वामी महाराज ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना है, ताकि आने वाली पीढ़ी को सही मार्गदर्शन मिल सके। इससे गुरु-शिष्य परंपरा और अधिक सशक्त होती है। कार्यक्रम के दौरान सत्संग, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक चर्चा के माध्यम से गांवों में आध्यात्मिक चेतना का संचार किया गया। इस अवसर पर स्वामी अभयानंद यति, शिवानंद सिंह उर्फ झुन्ना सिंह, विपिन कुमार पाण्डेय, संतोष कुमार सिंह, उदयभान सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
इस दौरान ग्रामवासी सत्यनारायण सिंह के पुत्र संजीव सिंह की बेटी शांभवी सिंह ने स्वयं बनाए गए महामंडलेश्वर के चित्र को उन्हें भेंट किया। इस दौरान गांव के ग्यारह जोडो ने गुरु दीक्षा ग्रहण किया जिसमें पद्मकांत पाण्डेय, संजीव सिंह, रामअवध सिंह, रामधनी यादव, आलोक सिंह, तेरास सिंह, रिंकू पाण्डेय, विक्रमादित्य शर्मा, रमेश पाण्डेय आदि प्रमुख रहे।
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हुरमुजपुर में भी रुकेगी रोडवेज बस
सादात। जखनियां से सादात होते हुए वाराणसी को जाने वाली रोडवेज की बस अब हुरमुजपुर में भी रुकेगी। उ.प्र. सड़क परिवहन निगम वाराणसी की आर एम विमला देवी ने बुधवार को की।
उल्लेखनीय है कि हुरमुजपुर में आयोजित रामहित यात्रा कार्यक्रम के दौरान महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनन्दन यति महाराज से आशीर्वाद लेने पहुंची थी। वहां ग्रामवासियों ने उसी रास्ते से जानेवाले रोडवेज बस को हुरमुजपुर में स्टापेज देने की पुरजोर मांग की। क्षेत्रीय जनता की इस मांग को महामंडलेश्वर महाराज ने भी अपनी संस्तुति दी। जनभावना और महाराज श्री की भावनाओं की कद्र करते हुए आरएम ने बस के स्टॉपेज किए जाने की अनुमति विभागीय अधिकारियों को दी।
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