कल्पवास और माघ मेले के लिए सजा प्रयागराज
तीन जनवरी पौष पूर्णिमा के पहले स्नान से 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान तक चलेगा मेला
प्रयागराज। आध्यात्मिक, धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं एवं परंपराओं को अपने में समेटे सनातनी लोगों की संगम नगरी एक बार फिर गुलजार हो गयी है। देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कल्पवासियों ने डेढ़ माह के लिए अपने डेरे जमा लिए हैं। कल्पवासी अपना घर-बार छोड़कर पूरे डेढ़ माह तक विधि-विधान से पूजन अर्चन कर सात्विक आहार के साथ ईश आध्यात्मिक साधना में लीन रहते हैं। प्रयागराज में पुण्य की कामना से गंगा, यमुना और सरस्वती(त्रिवेणी) के संगम क्षेत्र में स्नानार्थियों की भीड़ उमड़ने लगी है। इस वर्ष माघ मेले का शुभारंभ 3 जनवरी शनिवार की पौष पूर्णिमा से हो रहा है और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान के साथ इस मेले का समापन होगा।
वैसे तो सनातनी परम्परा के अनुसार माघ मास का पूरा समय स्नान, दान, पूजन , अर्चन के लिए शुभ माना जाता है, परन्तु कुछ तिथियां विशेष होती हैं और उस दिन लोगों की संख्या बढ़ जाती है। माघ मेला करीब 800 हेक्टेयर में लगाया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था हेतु मेला क्षेत्र में 17 पुलिस स्टेशन और 42 पुलिस चौकियों पर 5000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं 17 फायर स्टेशन बनाए गए हैं। मेला क्षेत्र में एटीएस, एनएसजी कमांडो की तैनाती और 400 से अधिक एआई आधारित कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी होगी।
इस वर्ष माघ मेले में 6 मुख्य स्नान निर्धारित हैं। पहला मुख्य स्नान पौष पूर्णिमा के अवसर पर 3 जनवरी को तो दूसरा मुख्य स्नान मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी होगा। वहीं तीसरा मुख्य स्नान मौनी अमावस्या 18 जनवरी को, चौथा मुख्य स्नान बसंत पंचमी के दिन 23 जनवरी को और पांचवां मुख्य स्नान माघी पूर्णिमा के अवसर पर 01 फरवरी को और छठा अंतिम मुख्य स्नान महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी को सम्पन्न होगा।
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