रामलीला ! चारों भाईयों ने वनगमन हेतु माता कैकेयी व पिता महाराज दशरथ से मांगी अनुमति
गाजीपुर, 10 अक्टुबर 2018 । अति प्राचीन लीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वाधान में रामलीला के पाॅचवे दिन मंगलवार को श्री रामचबूतरा पर बन्दे वाणी विनायको आदर्श रामलीला मण्डल के कलाकारो ने दशरथ कैकेयी श्रीराम संवाद व विदाई मांगने से सम्बन्धित लीला का मंचन किया गया । इस प्रकरण में दर्शाया गया कि महाराज दशरथ को दूतो द्वारा ज्ञात हुआ कि महारानी कैकेयी कोपभवन में पहुंचते है और कैकेयी से नाराजगी के बारे में पूछते है। कैकेयी द्वारा अपने दोनों बरदान की बातें सुनकर महाराज दशरथ ने कहते हैं कि हे प्रिये मैने तुम्हे पहले ही बचन दे चुका हॅू कि अयोध्या का राज भरत को देगे और राम को वन जाने के लिए जो वर मांगा है, इसके लिए दूसरा कोई वरदान ले लो। इसपर कैकेयी महाराज की बात को टालते हुए कहती है कि अपने कुल को क्यों कलंकित कर रहे है। जब आपने कहा कि दो वरदान मांग लो तो हमने मांग लिया। महारानी केकेयी की बातो को सुनकर महाराज दशरथ गिरकर बेसुध हो जाते है। उधर राजतिलक की तैयारी पूरी होने के बाद जब गुरु वशिष्ठ ने महाराज दशरथ को बुलाया तो पता चला कि महाराज केकेयी के कोप भवन में बेसुध पड़े है। इतना सुनते ही श्री राम कैकेयी के कक्ष में जाकर सारी बाते माता कैकेयी से पूछने के बाद वन जाने के लिए राम, लक्ष्मण सीता सहित तैयार होकर, माता कैकेयी व पिता महाराज दशरथ से वन जाने के लिए विदा मांगते है। इस दृश्य को देखकर दर्शक मंत्र मुग्ध हो गया।इस अवसर पर अध्यक्ष दीनानाथ गुप्ता, उपाध्यक्ष, विनय कुमार सिंह उर्फ वीनू, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी (बच्चा), उपमंत्री लवकुमार त्रिवेदी उर्फ बड़े महाराज, मेला प्रबंधक बीरेश राम वर्मा ब्रम्हचारी, उपमेला प्रबंधक शिवपूजन तिवारी, कोषाध्यक्ष अभय कुमार अग्रवाल, अभिषेक पाण्डेय, प्रदीप कुमार, अशोक अग्रवाल, योगेश वर्मा एडवोकेट, अजय पाठक, प्रदीप कुमार उपाध्याय, रामसिंह यादव, पंड़ित कृष्ण बिहारी त्रिवेदी सहित हजारों दर्शक उपस्थित रहे।
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