आंखों ही आंखों में इशारा हो गया…….

गाजीपुर (उत्तर प्रदेश),10 जून 2018। पत्रकार हितों की दुहाई देने वाले नेता सत्ता मिलते ही गिरगिट की तरह बदलने लगे हैं। यह आज जिला पंचायत सभागार में जिला योजना की बैठक में दिखा,जहां सत्ता के मद में चूर मंत्री के कहने पर पर जिलाधिकारी ने मीडिया को कवरेज करने से मना कर दिया। बताया गया कि आज पूर्वांह करीब ग्यारह बजे जिला पंचायत हाल में जिला योजना की बैठक आयोजित थी, जिसमें रेल राज्य एवं दूर संचार मंत्री मनोज सिन्हा व प्रभारी मंत्री बृजेश पाठक भी मौजूद थे। सुधि पाठकों हेतु जब बैठक की कवरेज के लिए जब पत्रकार पहुंचे तो कुछ देर बाद दोनों मंत्रियों ने आपस में मंत्रणा करके डीएम को इशारा किया। इस पर जिलाधिकारी के. बाला जी ने कहा कि जो लोग बैठक से संबंधित नही है वह लोग बाहर चलें जाये। इसपर जब इंडिया टीबी के पत्रकार आलोक त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकार भी बाहर चलें जाये तो उन्होने कहा कि हां सभी लोग बाहर चले जाये। इससे क्षुब्ध पत्रकार इसे अपमान मानते हुए वहां से चलते बने। बिगड़ती स्थिति देख जिलाधिकारी ने मामले को संभालने का प्रयास किया पर असफल रहे। बाद में डीएम ने सदर एसडीएम व सदर तहसीलदार को पत्रकारो के पास भेजकर बुलाया पर सब ब्यर्थ। इतना सब होने के बाद पत्रकारों ने फिर उसका कवरेज करने से मना कर दिया। शासन प्रशासन की इस काररवाई की पत्रकार संगठनों ने कड़ी निन्दा करते हुए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यक कदम उठाने की मांग की। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उ.प्र. के जिला महामंत्री ए के राय, तहसील अध्यक्ष रामजन्म कुशवाहा तथा गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गुलाब राय ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि प्रशासन को विवेक से काम लेना चाहिए।


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