निपाह से बचने हेतु अलर्ट जारी, धोकर ही खायें केले व फल

नई दिल्ली, 24 मई 2018। केरल में निपाह वायरस के बढ़ते संक्रमण और उसके कहर को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में अलर्ट जारी किया गया है। केरल से दिल्ली आने वाली ट्रेनों पर रेलवे अधिकारियों की विशेष नजर है। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ने डॉक्टरों की टीम को भी हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किये हैं । दिल्ली से केरल के बीच दैनिक व साप्ताहिक सभी तरह की कुल मिला कर लगभग आधा दर्जन ट्रेन चलती हैं। इनमें त्रिवेंद्रम राजधानी, मंगला एक्सप्रेस, केरला एक्सप्रेस आदि प्रमुख हैं। डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि इन ट्रेन में किसी भी यात्री की तबीयत खराब होने की सूचना मिलती है तो निपाह वायरस को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जाए तथा उसे तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराई जाय।इलाज उपलब्ध कराया जाए। साथ ही साथ इसकी पूरी जानकारी से सूचित किया जाए। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नितिन चौधरी ने कहा है कि निपाह वायरस को ले कर किसी भी रेल यात्री को डरने की जरूरत नहीं हैं। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी स्वास्थ्य मंत्रालय के संपर्क में हैं। डॉ. वली के मुताबिक, निपाह वायरस तेजी से फैलता है और दिमाग में पहुंचकर जानलेवा हो जाता है। इससे बचने हेतु साफ सफाई अत्यंत जरूरी है। हाथ, और चेहरे को बार बार पैर धोते रहें। बाहर से घर वापस आने पर बिना हाथ-पैर धोए किसी चीज को न छुएं। निपाह वायरस का लक्षण मिलने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। साथ ही खांसी और छींकने वाले लोगों से दूरी बनाए रखें। कहा गया है कि दिल्ली में इससे घबराने की जरूरत नहीं है, फिर भी लोगों को सचेत रहना चाहिए। इस वायरस का कोई टीका नहीं है। भारत में पुणे के एक संस्थान में ही वायरस की जांच करने और उनके टीके तैयार कराने का काम होता है।
राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सर्राफ ने प्रदेश में निपाह वायरस की रोकथाम के लिए अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सर्राफ ने कहा कि केरल में अनेक प्रवासी राजस्थानी निवास करते हैं और उनका राजस्थान में आना-जाना लगा रहता है। लिहाजा अतिरिक्त सावधानी बरती जाए। गोवा सरकार ने निपाह वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्य के चिकित्सकों को सतर्क रहने को कहा है। स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने कहा कि अगर किसी मरीज में इस वायरस के लक्षण दिखते हैं तो चिकित्सकों से फौरन उस व्यक्ति के नमूने जांच के लिए भेज आवश्यक कारर्वाई करने को कहा है। कहा जा रहा है कि केरल में फैले निपाह वायरस से फिलहाल दिल्ली में कोई खतरा नहीं है, चिकित्सकों का कहना है कि लोगों को बचाव के लिए केरल से आने वाले केले खाने से बचें। अगर खाना ही है तो उसे अच्छी तरह से धोकर ही खाएं। इसी प्रकार खजूर व आम को भी धोकर खाएं। रमजान के महीने में खजूर सबसे ज्यादा खाए जाते हैं। दिल्ली में बड़ी मात्रा में केले और खजूर केरल से मंगाए जाते हैं। निपाह वायरस से प्रभावित केरल के कालीकट और मल्लापुरम जिले में एम्स और सफदरजंग के दो डॉक्टरों की टीम जांच के लिए पहुंच गई है। दिल्ली के गंगाराम अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर मोहसिन वली के मुताबिक, वायरस को बढ़ने से रोकने के लिए केरल से आने वाले सभी लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जानी चहिए। इतना ही नहीं बल्कि 20 दिन पहले जो लोग आए हैं, उनकी खास तौर पर निगरानी की जानी चाहिए। इसके अलावा अस्पतालों में डॉक्टरों को भी सचेत रहने की जरूरत है। साभार एएनएस


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