कजरी महोत्सव एवं रक्षाबंधन उत्सव में रही सुमधूर गीतों की गुंज
गाजीपुर। भारत विकास परिषद के तत्वावधान में कजरी महोत्सव एवं रक्षाबंधन उत्सव का आयोजन आदर्श पैलेस सरैयां में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं एवं पुरुषों ने एक दूसरे को रक्षा सूत्र बांधा। वहीं महिलाओं ने कजरी में विलुप्त हो रहे गायन विधा को जागृत करते हुए परंपरागत गीतों से सावन के मौसम में सकारात्मकता प्रदान कर खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम का शुभारम्भ भारत माता एवं विवेकानंद जी के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।
परिषद परिवार को संबोधित करते हुए संयोजक संजय कुमार ने कहा कि कजरी उत्तर प्रदेश और बिहार में प्रसिद्ध एक लोकगीत है, जिसका मुख्य महत्व सावन के महीने में अपने प्रिय जनों हेतु प्रेम की अभिव्यक्ति करना है। यह गीत लोक संस्कृति का एक अभिन्न अंग है। इसे अक्सर त्योहारों और विशेष अवसरों पर गाया जाता है। यह गीत शास्त्रीय संगीत में भी लोकप्रिय है। कजरी परंपरागत गीतों की लंबी श्रृंखला के साथ-साथ सामाजिक बंधन मजबूत करने का सशक्त माध्यम भी है। इसके बारे में कहा जाता है कि यह सावन का श्रृंगार है। भीषण गर्मी के पश्चात वर्षा से चारों तरफ हरियाली दिखाई देती है। जीव जंतु पेड़ पौधे सभी हरे-भरे हो जाते हैं और इस गीत से सामाजिक संस्कार और परंपरा का जुड़ाव बना रहता है।
इस अवसर पर पुष्पेंद्र पांडेय, सत्यपाल सिंह, संतोष पाल, मनीष राज चौबे, राधा मोहन सिंह, सुभाष चंद्र, अभिषेक वर्मा, प्रेम कुमार सिंह, डॉ डीपी सिंह, बृजभान सिंह, जयप्रकाश, सुशील अग्रवाल, धनंजय ओझा, विजय कुमार श्रीवास्तव, सुधीर सिंह, अरविंद कुमार राय, कृष्णा तिवारी ,सुख विलास ,जयप्रकाश, अरुण कुमार राय, शिवकुमार, अनिल कुमार उपाध्याय, अतुल्य श्रीवास्तव, राजेश कुमार श्रीवास्तव, हरिवंश सिंह , अनीता तिवारी, रीता सिंह, शालिनी सिंह, प्रतिभा सिंह, मोहिनी श्रीवास्तव, माया रानी, अल्का वर्मा , साक्षी सक्सेना, कल्पना भारद्वाज, रिंकी सिंह, मनोरमा राय, कंचन राय ,सुमन यादव, रंजू देवी, रेनू बाला राय,निरुपमा उपाध्याय ,संगीता राय, संध्या, नीतू यादव, प्रतिमा तिवारी, सीमा राय, डॉ विष्णु प्रिया,ललिता केशरी ,नीलम प्रकाश, सुषमा प्रकाश,माया नायर ,सविता सिंह, सोनी आदि उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन सचिव सुमन लता राय ने किया। राष्ट्रगान से कार्यक्रम का समापन हुआ।
Views: 3








