हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुई बसंतपंचमी और सुभाष चन्द्र बोस जयंती 

राज्यसभा सांसद ने की सुभाष चंद्र बसु स्मारक के जीणोद्धार हेतु पांच लाख रुपए अनुदान की घोषणा 


गाजीपुर। मेरा युवा भारत गाजीपुर, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार व नेताजी सुभाष चंद्र बसु स्मारक समिति  द्वारा महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुभाष चंद्र बोस की जयन्ती रौजा में मनायी गयी। इस अवसर पर  लोगों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 

        आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने नेताजी के जीवन और संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नेताजी भारत मां के सच्चे सपूत थे तथा भारत की आजादी में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए ब्रिटिश हुकूमत के दांत खट्टे किए थे। सुभाष चंद्र बोस ने जय हिंद के नारे के अलावा युवाओं से कहा था कि तुम मुझे खुन दो, मैं तुझे आजादी दूँगा। यह नारा आज भी अमिट है।

           कार्यक्रम में उपस्थित राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने नेताजी सुभाष चंद्र बसु स्मारक समिति के माध्यम से नेताजी सभागार के जीणोद्धार के लिए  पांच लाख का अनुदान देने की घोषणा करते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस महान क्रांतिकारी के साथ-साथ स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रदूत थे। नेताजी के बारे में जितना भी कहा जाए वह कम है। आज उनके संघर्षों से प्रेरणा लेकर, उनके पदचिह्नों पर चलने की आवश्यकता है। समिति के सदस्य डॉ एम सी लाल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. जनक कुशवाहा ने नेताजी के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेकर राष्ट्र हित मे कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में पारसनाथ सिंह, ओम नारायण प्रधान, डॉ ब्यास मुनी राय, विजय कुमार राय, बाबूलाल मानव, पारस नाथ यादव, यमुना बैरागी सहित अनेकों गणमान्य जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता युधिष्ठिर तिवारी, संचालन दिनेश चंद शर्मा और आभार ज्ञापन मेरा युवा भारत के पूर्व ए पी एस सुभाष चंद्र प्रजापति ने किया।                             

          इसी क्रम में महर्षि विश्वामित्र कल्चरल क्लब के तत्वावधान में पी.जी. कॉलेज मलिकपूरा, में बसंत पंचमी एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर कार्यक्रम आयोजित कर माँ सरस्वती की विधि विधान से पूजा-अर्चना की गयी। वहीं दूसरे कार्यक्रम में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके  जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला गया। प्राचार्य प्रो .दिवाकर सिंह ने बसंत पंचमी को ज्ञान, सृजन और नवचेतना का पर्व बतया। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन त्याग, साहस, अनुशासन और अदम्य राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। दोनों अवसर मिलकर हमें यह संदेश देते हैं कि शिक्षा को केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित न रखकर समाज और राष्ट्र परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाया जाए। डॉ. शिव प्रताप यादव के संचालन में एकल व्याख्यान एवं संवादात्मक सत्र में नेताजी के विचारों, उनके संघर्षमय जीवन और समकालीन प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।   इसी प्रकार नेताजी सुभाष ग्रामोत्थान सेवा संस्थान और साहित्य चेतना समाज के संयुक्त तत्वावधान में बसंत पंचमी एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती ताड़ीघाट में विचार-गोष्ठी सह कवि-गोष्ठी के साथ सम्पन्न हुई। कार्यक्रम के मुख्यअतिथि कमल नयन पाण्डेय एवं विशिष्ट अतिथि आर एस एस के नगर सम्पर्क प्रमुख दुर्गा दत्त चतुर्वेदी एवं साहित्य चेतना समाज के संस्थापक अमरनाथ तिवारी रहे। अध्यक्षता कैप्टन महेन्द्र यादव ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं सुभाष चन्द्र बोस के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण-पुष्पार्चन से हुआ। मुख्य अतिथि कमल नयन पाण्डेय ने कहा कि बसंत पंचमी का पर्व जीवन में नई उमंग,उत्साह एवं ऊर्जा का संचार करता है। नेताजी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि माँ भारती के इस अमर सपूत ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। कवि-गोष्ठी का शुभारंभ संजय पाण्डेय की वाणी वंदना से हुआ। युवा शायर गोपाल गौरव, नागेश मिश्र, अमरनाथ तिवारी, आशुतोष श्रीवास्तव ने अपनी रचना सुनाकर नेताजी को श्रद्धासुमन अर्पित किया। शायर बादशाह राही, सुदर्शन कुशवाहा तथा कवयित्री प्रीतम कुशवाहा ने अपने रचना सुनाकर वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से दुर्गा दत्त चतुर्वेदी,अजय कुमार सिंह,कमलेश प्रकाश सिंह,श्रीकृष्णा सिंह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कैप्टन महेन्द्र यादव एवं संचालन सत्येन्द्र नाथ द्विवेदी ने किया।

Views: 28

Advertisements

Leave a Reply