धर्म वह जो मनुष्य में मनुष्यता पैदा करे – माधव कृष्ण

मानव धर्म प्रसार कार्यक्रम में वक्ताओं ने मनुष्यता को बताया सर्वोपरि 


गाजीपुर। समाज से सांप्रदायिक विद्वेष को समाप्त करने के उद्देश्य से मानव धर्म व्याख्यान का आयोजन एम ए एच इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य खालिद अमीर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। 

           मुख्य वक्ता समालोचक माधव कृष्ण ने कहा कि, मैं अपने गुरुदेव परमहंस बाबा गंगारामदास का संदेश लेकर आया हूं क्योंकि घर और समाज जल रहा है। कहने को सभी धार्मिक हैं लेकिन किसी के जीवन में शांति नहीं है। हम धर्म का अर्थ उन लोगों से समझ रहे हैं जो धर्म के नाम पर हिंसा और घृणा को बढ़ावा दे रहे हैं। इसके विरोध में बुद्धिजीवी लोगों को आना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया ने हिन्दुओं राज के  जातीय विद्वेष तो इस्लामिक शासन के आपस में ही खून खराबा और ईसाइयों के राज में रंगभेद और गुलामी को भी देखा। हमें मौलवी, पंडितों या राजनेताओं से कट्टरता का धर्म सीखने के स्थान पर उस धर्म को सीखने की जरूरत है जो समाज को शांत करे, सत्य के मार्ग पर बढ़ाए और किसी भी प्रकार के विभाजन को समाप्त करे।

   उन्होंने धर्म का सार बताते हुए कहा कि मानव धर्म के अनुसार, कुछ भी बनने से पहले आप मानव बनें। जो दूसरों को सुख देता है, परमात्मा उसे ही सुख देते हैं। परोपकारी धर्मात्मा बिना साधन तप के भी ईश्वर को प्राप्त कर लेता है।  उन्होंने सत्य, न्याय, धर्म की स्थापना में सबसे आपका सहयोग की अपेक्षा की।

      समारोह के अध्यक्ष प्रधानाचार्य खालिद अमीर ने कहा कि जैसे नदियां अपने घाट पर आने वाले पक्षियों, पशुओं और मनुष्यों से जाति नहीं पूछती, वैसे ही ईश्वर भी अपनी धूप, हवा, पानी देते समय किसी का धर्म नहीं देखता क्योंकि धर्म का एकमात्र अर्थ मनुष्यता है। हमें अपने द्वारा किए जा रहे हैं सभी कामों में मनुष्यता को आगे रखने की आवश्यकता है।

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